जशपुर मूनादी ।। सनातन धर्म के संरक्षण के लिए कुनकुरी में वर्षो से संचालित सनातन धर्म समिति इस बार रावण दहन से पहले ही विवादों से घिर गया । समिति के कई सदस्य समिति के मैनेजमेंट से नाराज होकर समिति के बड़े और जिम्मेदार पदाधिकारियों पर सवाल उठाने लग गए है बल्कि समिति को ही भंग करने की मांग करने लगे हैं। यह विवाद और बगावत तब खड़ा हुआ है जब नवरात्रि की पूजा चल रही है और 4 दिनों बाद रावण दहन याने दशहरा आने वाला है ।
बताते है समिति के भीतर विवाद की शुरुवात दुर्गा पूजा के लिए लेकर शासन द्वारा दिये गए 5 लाख की अनुदान राशि को लेकर हुई है । समिति के सदस्यों का कहना है कि कुनकुरी में भव्यता के साथ दुर्गा पूजा का आयोजन हो इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष रुचि पर शासन द्वारा सनातन धर्म समिति को 5 लाख का अनुदान दिया गया । बीते वर्ष भी 2 किश्तों में शासन द्वारा 10 लाख का अनुदान दिया गया था लेकिन इतने पैसे होने के बावजूद सनातन धर्म दुर्गा पूजा समिति के अस्थायी सदस्यों को नवरात्रि की पूजा के लिए मार्केट से उधारी माँगनी पड़ रही है। अस्थायी समिति के सदस्य रावण , पटाखा,और टेंट वालों जैसे अन्य लोगो को एडवांस देने के लिए उधारी मांगकर काम चला रहे हैं । बस विवाद यहीँ से उपजा और यही विवाद अब बगावत का रूप धारण कर लिया है ।
सनातन धर्म समिति के व्हाट्सएप्प ग्रुप में समिति के सदस्य खुलकर हल्ला बोल रहे हैं। इनका कहना है कि बीते वर्ष शासन द्वारा दिये गए 10 लाख की राशि मे से समिति के पास 5 लाख रुपये बचत में है । यह राशि दुर्गोत्सव के लिए दी गयी है लेकिन सनातन धर्म दुर्गा पूजा समिति के अस्थायी सदस्य जब समिति के जिम्मेदार पदाधिकारियों से पिछले वर्ष की बचत राशि से कुछ पैसों की मांग की तो नियम का हवाला देकर उन्हें पैसे देने से मना कर दिया गया ।
इसके बाद समिति के लोग भड़क गए और जिमेदार लोगो पर कई तरह के गम्भीर आरोप लगाने लगे । समिति के सदस्यो ने ग्रुप में लिखा कि बचत पैसा होने के बावजूद समिति के ज़िम्मेदार लोगों के द्वारा कोई सहयोग नहीं किया जाता और अंत मे चन्दा और सहयोग से काम चलाना पड़ता है।
इस मामले में हांलाकि समिति के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने भी अपना पक्ष रखा है और ग्रुप में लिखा है कि समिति सहयोग करने में कभी पीछे नहीं रहती । बिल के मुताबिक तत्काल भुगतान किया जाता है लेकिन यह विवाद फिर भी थमने का नाम नहीं ले रहा है और धीरे धीरे समिति में बगावत करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।
सनातन धर्म समिति के स्थायी सदस्य श्यामू बंग ने मूनादी डॉट कॉम को बताया कि समिति के बचत खाते में पैसे की कोई कमी नहीं है। खाते में कुल 21 लाख हैं ।उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा के के लिए जब पैसे की दिक्कत आयी तो स्थायी समिति के सदस्यों ने ही मिलकर ढाई लाख रुपये अस्थायी समिति को दिया गया । धार्मिक आयोजनों ने पैसों की कोई कमी नहीं होने दी जाती है । स्थायी समिति काफी वेहतर तरीके से काम कर रही है।
वही सनातन धर्म समिति के स्थायी सदस्य दीपक शर्मा ने सोशल मीडिया में लिखा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा दुर्गोत्सव मनाने के लिए जो राशि शासन से दिलवाई गयी उसे समिति के जिम्मेदार लोगों ने फिक्स डिपॉजिट कर दिया जो कि सरासर गलत है । दुर्गोत्सव के लिए आई राशि दुर्गोत्सव में ही खर्च होना था लेकिन उस राशि एफडी कर दिया गया ।
सनातन धर्म दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष दीपक हेड़ा ने बताया कि एडवांस दुर्गा पूजा आयोजन के लिए समिति को कुछ लोगो को एडवांस देना था इसलिए स्थायी समिति से बीते वर्ष की बचत राशि से कुछ राशि की मांग की गई थी लेकिन स्थायी समिति ने उस राशि को देने से साफ इंकार कर दिया ।बाद में उधारी लेकर एडवांस राशि दी गयी।
इस पूरे मामले में मूनादी डॉट कॉम हर पहलू की पड़ताल करेगा और सभी जिम्मेदार लोगों का पक्ष सामने लाने की कोशिश करेगा ।तब तक के लिए बने रहिये मूनादी डॉट कॉम के साथ ।