रायगढ़ मुनादी ।। छत्तीसगढ़ के खरसिया में एक महिला पत्रकार के घर में घुसकर अभद्रता, हंगामा और उसके माता-पिता के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार पूजा जायसवाल ने भाजपा महिला मोर्चा से जुड़ी स्थानीय नेत्री गायत्री केशरवानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूजा के मुताबिक, बुधवार रात गायत्री केशरवानी 8-10 लोगों के साथ उनके घर पहुंचीं और वहां विवाद करते हुए उनके तथा उनके माता-पिता के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की।

पूजा जायसवाल ने मुनादी को बताया कि विवाद की शुरुआत एक मैसेज से हुई। उनके अनुसार, उन्होंने किसी दूसरे व्यक्ति को भेजने के लिए एक मैसेज लिखा था, लेकिन गलती से वह मैसेज गायत्री केशरवानी के चैट पर चला गया। पूजा का कहना है कि गलती का एहसास होते ही उन्होंने तत्काल मैसेज भेजकर माफी भी मांग ली थी। इसके बावजूद बुधवार रात गायत्री केशरवानी कुछ लोगों के साथ उनके घर पहुंच गईं और विवाद शुरू कर दिया।
बच्चों पर भी हमले की कोशिश का आरोप
पूजा जायसवाल ने आरोप लगाया कि उसके दो छोटे बच्व्हे हैँ जो घर में एक रूम में बाद थे गायत्री केशरवानी वहां भी घुसने कि कोशिश कर रही थी जब उसके माता पिता ने उन्हें aisa करने से मना किया तो उनके साथ भी मारपीट की। गायत्री केशरवानी के पति rajesh केशरवानी पर भी पूजा ने phone पर धमकी देने और अभद्रता करने का आरोप लगाया है।
खबर प्रकाशित नहीं करने पर भी जताई नाराजगी
पूजा जायसवाल के आरोपों के मुताबिक, घर में हुए विवाद के दौरान मैसेज के अलावा एक और बात को लेकर नाराजगी जाहिर की गई। गायत्री केशरवानी कथित तौर पर यह सवाल उठा रही थीं कि महिला पत्रकार उनके समाचार प्रकाशित क्यों नहीं करतीं। पूजा का कहना है कि विवाद के दौरान खरसिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट की तैयारी करने और समाचार प्रकाशित नहीं किए जाने जैसी बातें भी कही गईं।
यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल एक निजी मैसेज को लेकर हुए विवाद तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि पत्रकार की स्वतंत्रता और उसके काम में कथित हस्तक्षेप का सवाल भी खड़ा करता है।
थाने में शिकायत, FIR का इंतजार
घटना के बाद पूजा जायसवाल ने खरसिया थाने में शिकायत आवेदन दिया है। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने शिकायत आवेदन लिया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक FIR दर्ज नहीं हुई थी। मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और शिकायत पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।
एक महिला पत्रकार के घर में घुसकर कथित तौर पर अभद्रता और उसके माता-पिता के साथ मारपीट के आरोप गंभीर हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस शिकायत की जांच किस तरह करती है और आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
मुनादी ने इस मामले में गायत्री केशरवानी का पक्ष जानने के लिए उनके फ़ोन पर कॉल किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं रखा जा रहा है जैसे ही उनका कोई पक्ष आएगा हम पाठकोण को इससे अवगत कराएँगे।