जशपुर मुनादी।। जशपुर में विकास किस कदर हो रहा है इससे भला कौन जशपुरिया वाकिफ नहीं होगा। यहाँ ट्रेन चलाने से लेकर आसमानी सफर करने तक की हर दिन बाते होती है ।दावे तो विकास के ऐसे ऐसे होते हैं कि दावे सुनने मात्र से ही मन बल्लियों में उछलने लगता हैं।लेकिन विकास की जमीनी हकीकत क्या है वो तो वही लोग जानते हैं जो जमीन पर रहकर जमीन पर चल रहे है।


एक ऐसे ही विकास की असलियत की सीधी तस्वीर आपको हम दिखाने जा रहे है जहाँ विकास की धारा कुछ इस कदर बह रही है कि विकास एक गड्ढे में फँसकर त्राहीमाम त्राहीमाम कर रहा है ।
यह तस्वीर नारायणपुर और बग़ीचा के बीच स्टेट हाईवे की है। यह सड़क सीधे अम्बिकापुर की ओर जाती है लेकिन मजाल है यहाँ आने के बाद कोई एक कदम भी आगे बढ़ जाये । यहाँ 3 दिनों से विकास कुछ इस कदर प्रवाहित हो रहा है कि यहाँ की जमीन की रंगत तो बदल ही गयी है आने जाने वालों के भी रंग बदल जा रहे है ।
बताया जाता है कि यह सरबकॉम्बो की तस्वीर है ।3 दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद यहाँ स्थित स्टेट हाईवे का अस्तित्व ही खत्म हो गया है ।यहाँ हाईवे सड़क दिखने के बजाय कीचड़ मिट्टी और गड्ढे और गड्ढों में पानी के अलावे कुछ नहीं दिख रहा ।
जानकारी मिल रही है कि इस ओर जाने आने वाले सैंकड़ो गाड़िया बीती रात से आगे बढ़ने के लिए संघर्ष कर रहे है ।कुछ ने साहस दिखाया और घण्टो मशक्कत के बाद आगे भी बढ़ गए लेकिन कुछ वाहनों ने बीच मे ही हिम्मत छोड़ दिया और कीचड़ में फंस गए । अभी के हालात ये है कि यहॉं घण्टो से कई गाड़ियां फंसी हुई है ।
दरअसल जिले की यह कोई इकलौती तस्वीर नहीं है ।बरसात जब भी जिस मौसम में भी हो जाय ऐसी तस्वीरें आनी शुरू हो जाती है। चाहे गाव की सड़क को ,स्टेट हाइवे हो या फिर नेशनल हाईवे । इन्हें देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क गड्ढों के बीच बनी है या फिर सड़क में गड्ढे हो गए है ।


खाश बात यह है कि जिले में जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद है लेकिन आईजी तस्वीरों को बार बार देखने के बाद भी इनपर कुछ असर होता नहीं फिखता । हां राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के लिए बीच बीच मे ये बाते जरूर बड़ी बड़ी करते हैं लेकिन सवाल ये है कि बातें हैं बातों क्या ........!