जशपुर मूनादी ।। कुनकुरी,जिसे प्रदेश की सबसे हॉट राजनीतिक सीट कहा जाता है। अब सिर्फ चुनावी जंग का मैदान नहीं, बल्कि ठेकेदारी की लड़ाई का अखाड़ा भी बनता दिख रहा है।
सोमबार को नगर पंचायत के अंदर जो हुआ उसने कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई को सड़क पर ला दिया है। एक तरफ नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील, दूसरी तरफ कांग्रेस नेता शहजाद अली। पहले दफ्तर के भीतर तू-तू, मैं-मैं,तू तड़ाक ,हंगामा फिर सोशल मीडिया पर शुरू हो गयी लड़ाई ।
बताया जा रहा है कि झगड़ा 25 लाख रुपये के टेंडर का है। आरोप इतने गंभीर हैं कि अब सवाल सिर्फ एक टेंडर का नहीं, बल्कि पूरे ठेकेदारी तंत्र पर उठने लगा है।
विनयशील ने फेसबुक पोस्ट में लिखा हैं कि" कुनकुरी में गुंडागर्दी, धमकी और कमीशन का दौर खत्म हो चुका है और नगर पंचायत अब नियम से चलेगी।"
उधर शहजाद अली ने भी विनयशील के पोस्ट पर पलटवार करते हुए लिखा कि-
मैं गया था तुम्हारे पास शिकायत लेके की नगर पंचायत द्वारा एक ही टेंडर को दुबारा निकाला गया है जो टेंडर मेरे को मिल चुका है उसका शिकायत किया हूँ सी एम ओ को उसका प्रतिलिपि देने तुम पेपर फेकदिये और ओ टेंडर मैं अपने आदमी को दिलाऊँगा बोले मेरे द्वारा टेंडर डालने कहा गया तो तुमको काम करने नहीं दूँगा बोले
इनका आरोप है कि जिस टेंडर पर उन्हें काम मिल चुका था, उसी टेंडर को दोबारा निकालने की शिकायत लेकर वे अध्यक्ष के पास पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत को फेंक दिया गया और कथित तौर पर कहा गया कि काम किसी "अपने आदमी" को दिलाया जाएगा।
यानी सवाल बड़ा है ! क्या कुनकुरी में ठेके नियम से मिल रहे हैं या गुट देखकर? क्या यह लड़ाई विकास की है या वर्चस्व की? और सबसे बड़ा सवाल क्या कांग्रेस की गुटबाजी अब नगर पंचायत के कामकाज पर भी असर डाल रही है?
फिलहाल दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी बात रखी है। इन आरोपों और जवाबों की स्वतंत्र पुष्टि हम नहीं करते। लेकिन इतना तय है कि प्रदेश की सबसे चर्चित नगर पंचायत में अब राजनीति सिर्फ मंचों पर नहीं, बल्कि टेंडर फाइलों और फेसबुक पोस्टों में भी लड़ी जा रही है।
कुनकुरी की यह लड़ाई अब सिर्फ दो नेताओं की नहीं रही यह ठेकेदारी, गुटबाजी और सत्ता के अंदर की सियासत का नया चेहरा बनती जा रही है।