रायगढ़ मुनादी।। राजस्थान के जालौर के सुराना गांव में एक दलित छात्र की पिटाई से मौत के मामले ने अब एक आंदोलन का रूप ले लिया है। इस मामले में रायगढ़ में भी आंदोलन शुरू किया गया है। अंबेडकर विचार मंच और SC, ST, OBC, minority संघ ने शहर में रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
इसके अलावा सभी चौक चौराहों पर मटका रखकर नारे लिखे गए हैं। इन मटकों को विरोध के प्रतीक के तौर पर रखा गया है। इनमें जातिवाद मुर्दाबाद, जाति है कि जाती नहीं, आस्था मूत्र पीला देती है लेकिन पानी नहीं पिला सकती जैसे नारे लिखे हुए हैं।
Munaadi.com ने इस मुद्दे पर कई लोगों से बात की। दलित समाज, अंबेडकर विचार मंच के लोगों के अलावा स्थानीय पत्रकारों से भी बात की। सुनिए क्या कहा लोगों ने -