जशपुर मूनादी ।। जिले के फरसाबहार से एक बड़ी ही पेचीदा खबर सामने आई है । खबर में पेचीदगी इतनी है कि समझ ये नहीं आ रहा कि असली मामला आखिर है क्या ?

मामला फरसाबहार के तांबामुंडा बस्ती का है। बीते 30 अक्टूबर को तहसीलदार एसडीएम ने यहाँ के गौरी शंकर यादव के घर मे छापेमारी करके 85 बोरी धान और तकरीबन 2 काटून सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जाने वाली दवाओं को बरामद किया । इस कार्रवाई के बाद फरसाबहार तहसीलदार के द्वारा स्वास्थ विभाग के बीएमओ को दवा सुपर्द कर उक्त बरामद दवाओं की जानकारी पूछी गई एवं गौरी शंकर यादव को नोटिस जारी कर 85 बोरी धान के लीगल दस्तावेज मांगा गया लेकिन इस कार्रवाई के बाद मामले में नया ट्वीस्ट ये आया कि गौरी शंकर यादव एसडीएम के सैनिक के खिलाफ शिकायत लेकर कलेक्टर , सीएम कैम्प कार्यालय से लेकर विधायक गोमती साय सहित कई लोगों से कर दी ।
शिकायत में उन्होंने लिखा कि तहसीलदार और एसडीएम की मौजूदगी में एसडीएम के सैनिक ने उनके घर का वीडियो बनाना शुरू कर दिया । आरोप है कि उनकी बुजुर्ग माँ नहाकर लौट रही थी उनका भी वीडियो बनाया जा रहा था । गौरी शंकर यादव ने जब वीडियो बनाने का विरोध किया तो सैनिक द्वारा उन्हें गाड़ी में बिठाकर जेल भेजने की धमकी देने लगा ।
गौरी शंकर यादव का कहना है कि सैनिक के द्वारा घर के अंदर घुसकर बगैर उनके परमिशन के वीडियो बनाकर उनकी निजता का हनन किया गया । उन्हें जबरन जेल भेजने की धमकी दी गई जो कि सरासर गलत है । सबूत के तौर पर उनके द्वारा शिकायत पत्र के साथ कुछ वीडियो फुरेज भी भेजा गया है ।
इधर इस मामले में तहसीलदार तपकरा ने बताया कि प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए बेबुनियाद आरोपों का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गौरी शंकर यादव स्वास्थ विभाग फरसाबहार में नौकरी करता है इसलिए उसके घर से सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जाने वाली दवाईयों का इतनी मात्रा में मिलना काफी गम्भीर विषय है । 85 बोरी धान जप्ती किये जाने के पूर्व भी धान जप्ती की 2 बार कार्रवाई की जा चुकी है। कार्रवाई को रोकने के लिए और खुद के बचाने के उद्देश्य से तथ्यहीन आरोप लगाए गए हैं।