रायपुर मुनादी।। सीडी कांड में 7 साल बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल को बड़ी राहत मिली है। सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी धाराएं हटाते हुए भूपेश को इस मामले से बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि भूपेश के खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई आधार नहीं है। इसलिए अदालत उनके खिलाफ मुकदमे को खारिज करते हैं। इस मामले के बाकी 4 आरोपी कारोबारी कैलाश मुरारका, पूर्व सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांड्या पर केस चलता रहेगा।
इस मामले में अब अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी। इसमें बाकी चारांे आरोपियों को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। इस फैसले के बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सत्यमेव जयते। वहीं, भूपेश बघेल के बचाव में जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने कोर्ट में दलीलें रखीं। अधिवक्ता मनीष दत्त ने कहा कि बघेल को झूठे मामले में फंसाया गया है। भूपेश ने न तो सीडी बनवाई और न ही सीडी बांटी। उन्होंने किसी तरह का कोई ऑफेंस (अपराध) नहीं किया है।
बता दें कि अक्टूबर 2017 में छत्तीसगढ़ में एक कथित सेक्स सीडी सामने आई थी। इसे पूर्व मंत्री राजेश मूणत का बताया जा रहा था। रायपुर के सिविल लाइन थाने में इसका मुकदमा दर्ज हुआ। बाद में पुलिस दिल्ली से पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लाई थी। कांग्रेस इसे तत्कालीन सरकार की साजिश बताती रही। सितंबर 2018 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को भी गिरफ्तार किया गया था। उन पर साजिश रचने का आरोप था। भूपेश बघेल ने जमानत लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश भर में भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर गई। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जीतकर भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बने थे।