जशपुर मुनादी।। आज बगीचा में रेफ पीड़िता के एमएलसी करने हेतु महिला डॉक्टर के अनुपस्थिति, और एक सेवारत महिला डॉक्टर का ड्यूटी टाइम नही होने का हवाला देकर इनकार के बाद दिन भर हंगामे के बाद बगीचा पुलिस ने 5 संदेहियों को हिरासत में ले लिया है, वहीं बताया जा रहा है दो और आरोपी भी इस प्रकरण में अभी पुलिस की वांछित सूची में है।
दरअसल 15 वर्षिय नाबालिग आदिवासी लड़की को पास के गांव के एक लड़के ने बहला फुसलाकर धमकी देकर गांव से अपने साथियों के माध्यम से ले गए, और सरगुजा जिले में रखकर लगातार 20 दिनों तक नाबालिग के साथ जबरदस्ती कुकर्म किया।
जिसके बाद आरोपी पीड़िता को मोटरसाइकिल में बैठाकर ला रहा था, रास्ते मे नाबालिग का मामा दिखा, और उसने उसका ऑटो से पीछा किया, आरोपी काफी भागने के बाद मोटर्ससाइकिल और पीड़िता को वहीं छोड़कर भाग खड़ा हुआ।
अपने साथ हुए इस वाकये की जानकारी पीड़िता अपने परिजनों को बताते साथ आकर पुलिस में मामला दर्ज कराया, जिसके बाद आज का यह घटनाक्रम हुआ। उधर ये घटनाक्रम चल रहा था, और पुलिस भी अपने पूरे जाल को बिछाकर आरोपियों के धर पकड़ में कूद फांद कर रही थी।
https://munaadi.com/news-details/Jashpur-breaking-rape-victims-MLC-not-even-a-single-doctor,-furious-townspeople,-women-councilors-sat-on-a-dharna-
वाक्ये में दिलचस्प पहलू यह रहा कि पीड़िता ने पुलिस की आरोपियों तक पहुंचने में खूब मदद की, पुलिस के महिला एएसआई नीता कुर्रे ने खुद अपना मोबाइल पीड़िता नाबालिग को देकर आरोपी को यह विश्वाश में लिया कि उसका मोबाइल खराब हो गया है, और आरोपी उस मोबाइल से लगातार बात कर यह कह रहे थे, कि तुम चलो नही तो तुम्हारे मां बाप को काटकर फेक देंगे, और नाबालिग बात करती रही, और इन आरोपियों को बगीचा बुलाया गया, टवेरा में 5 लोग सवार होकर आये, और लड़की को विभिन्न जगहों में बुलाते रहे, और लड़की पुलिस वालों के साथ रही, और पुलिस दौड़ भाग के बीच अंत मे नाबालिग को उठाने आये टवेरा वाहन सहित 5 को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
मामले में एक पहलू और बड़ा दिलचस्प यह रहा कि उधर घटनाक्रम डॉक्टर को लेकर चल ही रहा था, धरना आंदोलन वगैरह, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही थी, इधर पुलिस जब फोन आया तो आरोपियों को पकड़ने पुलिस पीड़िता को लेकर अस्पताल से मिशन पर निकली तो पीड़िता के गायब हो जाने और अपहरण की अफवाह भी खूब उड़ी..!
हालांकि अभी पुलिस अधिकृत खुलासे से बच जरूर रही है, पर जो लोग हिरासत या पूछताछ में हैं, और मुनादी के सूत्र इस पूरी कहानी को पुष्टि कर रहे हैं!
हालांकि इन सबके बीच जो बगीचा अस्पताल महिला चिकित्सकों और उनके गुरुर, ने जो संवेदनहीनता रच रखी थी, वो संवेदनहीनता की सलामी सरकार के साथ विभाग को जरूरी है।