जशपुर मूनादी।। जशपुर नगरपालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) योगेश्वर उपाध्याय के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीएमओ पर मनमानी, स्वेच्छाचारिता और कार्यालयीन अनुशासन के उल्लंघन से जुड़े मामलों का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जा रहा है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सीएमओ की लगातार अनुपस्थिति और कार्यशैली से नाराज प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया था। कलेक्टर के निर्देश के बावजूद कार्यालय नहीं पहुंचने पर जशपुर एसडीएम ने सीएमओ के कार्यालय में ताला लगवा दिया था। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इसके बाद भी सीएमओ न तो कार्यालय पहुंचे और न ही अपनी अनुपस्थिति को लेकर किसी सक्षम अधिकारी के समक्ष कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया।
इस मामले में जशपुर एसडीएम और नगरपालिका अध्यक्ष दोनों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि सीएमओ कई-कई दिनों तक बिना पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं, जिससे नगरपालिका के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि शुक्रवार को भी कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बावजूद सीएमओ कार्यालय नहीं पहुंचे, जिसके बाद कार्यालय को सील करने जैसी कार्रवाई करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि कार्यालय अब भी बंद है।
नगरपालिका अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि सीएमओ स्वयं को प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं का करीबी बताते हैं, जिसके कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन द्वारा तैयार की जा रही रिपोर्ट के आधार पर विभाग क्या निर्णय लेता है। क्या इस बार सीएमओ के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होगी, या फिर पहले की तरह मामला बिना किसी परिणाम के ठंडे बस्ते में चला जाएगा—यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।