जशपुर मूनादी ।। वीवीआईपी विधानसभा कुंनकुरी के दुलदुला में भाजपा के भीतर गज्जब का घमासान मचा हुआ है । जनपद उपाध्यक्ष रविन्द्र गुप्ता को भाजपा से बाहर निकालने के प्रस्ताव पर भाजपा कम से कम दुलदुला में 2 खेमे में बंट गई है । एक खेमा रविन्द्र गुप्ता को बीजेपी से बाहर निकालने के प्रस्ताव का खुल्लम खुल्ला विरोध पर उतर आया है जबकि दूसरा खेमा वो है जिन्होंने जनपद उपाध्यक्ष को पार्टी से बाहर निकालने के प्रस्ताव के समर्थन में हस्ताक्षर किया है।


भारतीय जनता पार्टी दुलदुला मंडल के व्हाट्सएप्प ग्रुप में अभी तक इस मुद्दे पर भारी बहस चल रही है । रविन्द्र गुप्ता के समर्थन में आये भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन जोड़ने और जुड़ने के लिए होता है तोड़ने के लिए नहीं । रविन्द्र गुप्ता के विरुद्ध संगठन की ओर से की गई कार्रवाई संगठन के सिद्धांतों के खिलाफ है । हर मोर्चे पर सक्रिय रहने वाले जनप्रतिनिधि को हटाने से नकारात्मक संदेश जाएगा लेकिन एक पक्ष रविन्द्र गुप्ता का हर हाल में निष्कासन चाहता है। निष्कासन के लिए बनाए गए आवेदन में लिखा है कि रविन्द्र गुप्ता खुद कांग्रेसी सदस्यों के समर्थन से उपाध्यक्ष बने है और इनके पिता कांग्रेसी हैं इसलिए इनके द्वारा कांग्रेसियों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है ।इनके द्वारा पार्टी विरोधी कार्य किये जा रहे हैं ।
निष्कासन के जो कारण बताए गए उसको लेकर भी कम झमेला नहीं हो रहा है । रविन्द्र गुप्ता के समर्थक लिख रहे है कि संगठन यह साबित करे कि रविन्द्र गुप्ता ने पार्टी विरोधी कौन सा कार्य किया है।
इधर भाजपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के महामंत्री अरुण गुप्ता मूनादी चौपाल के कैमरे के सामने यह बोल चुके है कि जनपद उपाध्यक्ष को पार्टी से बाहर निकालने के प्रस्ताव पर उनसे जबरन हस्ताक्षर कराया गया और ऐसे कई और थे जिनपर साईंन करने के लिए दबाव बनाया गया ।
दरअसल 2 दिन पहले दुलदुला भाजपा मंडल अध्यक्ष सरोजनी सिंह के लेटर हेड पर कई सारे भाजपा कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर सहित भाजपा के जिलाध्यक्ष को आवेदन प्रस्ताव देकर रबिन्द्र गुप्ता को पार्टी से हटाने का अनुरोध किया है । यह लेटर जैसे ही सोशल मीडिया में वायरल हुआ बीजेपी के भीतर ही खलबली मच गई ।
जनपद उपाध्यक्ष कैमरे के सामने आ गए और कहा कि उन्हें पार्टी से हटाने का प्रस्ताव आश्चर्य जनक और समझ से परे है। उन्होंने कहा" मुझे खुद नहीं पता कि मैं कौन सा गुनाह कर दिया ? मेरे पिता को कांग्रेसी बताकर मुझे पार्टी से हटाने का प्रस्ताव रखने का असली मायने क्या है मुझे नहीं पता । मैं खुद नेताओं के पास जाकर पूछूँगा कि मेरा कसूर क्या है ?
आपको बता दें कि दुलदुला कुनकुरी विधानसभा का हिस्सा है इसलिए यहॉ की राजनीति और खाशकर भाजपा के भीतर चल रहे घमासान के काफी मायने निकाले जा रहे है लेकिन सवाल भी उठ रहे है । सवाल ये कि यह विवाद कब थमेगा ? विवाद सुलझाएगा कौन? या विवाद बढ़ते बढ़ते आगे कोई बड़ा राजनीतिक संकट पैदा करेगा ?


बहरहाल आगे क्या होगा वो तो वक़्त तय करेगा लेकिन अभी जिस तरह से भाजपा कार्यकर्ता और कुछ सीनियर नेता रविन्द्र गुप्ता के समर्थन में उतरे है और सोशल मीडिया में जो चल रहा है वो भाजपा के लिए सकारात्मक नहीं हो सकता ।