जशपुर मुनादी।। जिले के tapkara ग्राम पंचायत के सचिव के विरुद्ध हुई निलंबन की कार्रवाई के बाद जनपद के अफसर भी कार्रवाई के रडार में आ सकते है। बताया जा रहा है कि जिन निर्माण कार्यों में लापरवाही ,अनियमितता या गबन के आरोप में पंचायत सचिव जगनाथ जायसवाल को सस्पेंड किया गया है ।

उन निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और भौतिक सत्यापन करने वाले अफसरों की भी संलिप्तता सामने आ सकती है ।क्योंकि जो कार्य जमीन पर हुए ही नही और राशि का आहरण हो गया उन कार्यों का भौतिक सत्यापन और मूल्यांकन तो हुआ ही होगा ऐसे में यह पता करना अब जरूरी हो गया है कि हवा हवाई निर्माण कार्यों का हवा हवाई भौतिक सत्यापन या मूल्यांकन किसने किया था ? यह भी एक अहम तथ्य है कि बगैर काम दिखाए या कार्य के भौतिक सत्यापन के राशि आहरण नहीं होते और यह काम अभियंताओं का होता है ।इसके लिए जनपद में उप अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी बैठाए गए जिनका काम प्रत्येक निर्माण कार्यों का सत्यापन और मूल्यांकन बीच बीच में करते रहना होता है तभी निर्माण कार्यों की राशि आहरण किए जा सकते हैं ।
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ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि सचिव द्वारा किए गए 74 लाख के गबन जैसे अपराध में और लोग भी शामिल हो सकते है। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र यादव का कहना है कि प्रथन दृष्टया गबन का मामला सामने आया है इसलिए पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है ।इसके बाद इस मामले की डिपार्टमेंटल जांच होगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आपको बता दें कि शुक्रवार को tapkara ग्राम पंचायत के सचिव को सरपंच की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ के द्वारा निलंबित कर दिया गया था। पंचायत सचिव के विरुद्ध तकरीबन 74 लाख रुपए की राशि गबन करने के आरोप लगे हैं ।