डेस्क मुनादी।।रविवार को छठ पूजा के दौरान गुजरात के मोरबी के माच्छू नदी में हुए हादसे में अब तक 143 लोगों की मरने की खबर सामने आ रही है। कल तक यह संख्या 60 थी जिसमें 10 बच्चों के शव मिलने की बात कही गई थी। घटना के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। लटके हुए पूल के जाली में कुछ और लोगों के फंसे होने की आशंका है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस घटना में अबतक 143 लोगों की मरने की पुष्टि हो चुकी है वहीं 100 से ज्यादा लोग अस्पताल में हैं। बताया जा रहा है की मरने वालों की संख्या सुबह तक और बढ़ सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस पूल पर 500 से ज्यादा लोग थे हालांकि किनारे खड़े कई लोगों को बचाया भी गया है। मजदूरों ने बताया की कम से कम 200 लोग बाहर भी आ गए थे।
उस पूल के बारे में बताया जा रहा है कि यह पूल करीब 143 साल पुराना है। पिछले कई सालों से यह पूल बंद था और मरम्मत के बाद इसे आम लोगों के लिए तीन दिन पहले ही खोला गया था। कुछ लोगों का यह कहना था कि इस पूल की क्षमता 100 लोगों की थी लेकिन हादसे के वक्त करीब 500 लोग पूल पर थे। पूल हिल रहा था लेकिन लोगों को इस खतरे का एहसास तक नहीं था।
बताया यह भी जा रहा है कि इस पूल के रख रखाव की जिम्मेदारी एक निजी कम्पनी को दी गई थी। घटना के बाद कई सवाल उठाए जा रहे हैं। जैसे इस पूल को आम लोगों के लिए तीन दिन पहले ही खोला गया था। इससे पहले इसकी मरम्मत करवाई जा रही थी। ऐसे में मरम्मत करने वाली कंपनी पर सवाल उठ रहे हैं वही जिस कम्पनी को रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई थी उसने कम क्षमता के बावजूद ज्यादा लोगों को पूल पर जाने कैसे दिया ?




गुजरात के मोरबी शहर में माच्छू नदी पर नवनिर्मित केबल पुल को तीन दिन पहले खोला गया था। छठ पूजा करने के लिए आसपास के इलाके से लगभग 500 श्रद्धालु इकठ्ठा हुए थे। ये सभी छठ का त्योहार मना रहे थे। इसी बीच पुल का केबल टूट गया। कोई संभाल पाता इससे पहले ही सैकड़ों लोग अचानक नदी में गिर गए। वहां भगदड़ मच गई। अब तक 91 लोगों के मरने की खबर आ रही है।