रायगढ़ मुनादी।। अग्निपथ योजना के विरोध में पूरा देश जल रहा है। युवा सड़कों पर आकर सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे है। कई जगहों पर ट्रेनों में आग लगा दी गई। बीजेेपी के दफ्तर तोड़े जा रहे है। धीरे-धीरे विरोध पूरे देश में फैलता जा रहा है। अब छत्तीसगढ़ से भी विरोध के सुर उठने लगे है। युवा लगातार अलग-अलग माध्यमों से आंदोलन की चेतावनी दे रहे है।
दो राज्यों से शुरु हुआ आंदोलन अब देश के 11 राज्यों तक पहुंच चुका है। अग्निपथ योजना के विरोध में युवा अपनी सारी हदें पार कर रहे है। सेना प्रमुख और रक्षा मंत्रालय बार-बार युवाओं को इस योजना के फायदे गिनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन युवा मानने को तैयार ही नहीं है। अधिकतर युवा ऐसे है, जिन्होंने आर्मी भर्ती में हिस्सा लिया है। फिजिकल और मेडिकल क्लीयर होने के बाद भी हजारों युवा ऐसे हैं जिन्हें कभी बुलावा नहीं आया। अब भर्ती प्रक्रिया को ही बदल दिए जाने से युवा आक्रोशित हो गए है। मुनादी डॉट कॉम ने ऐसे युवाओं से बात की। युवाओं में गुस्सा भरा हुआ है। युवा सरकार की कोई बात सुनने को तैयार ही नहीं हैं। वे बस अग्निपथ स्कीम को वापस लेने की मांग कर रहे है।
➡️बिहार और हरियाणा से शुरू हुआ था विवाद
अग्निपथ योजना के लांच होने के बाद सबसे पहले बिहार और हरियाणा में इसका विरोध शुरू हुआ था। बिहार में आंदोलन काफी उग्र रहा। हरियाणा में आर्मी की तैयारी कर रहे एक बच्चे ने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से विरोध बढ़कर 7 राज्यों तक फैला। अब यह 11 राज्यों तक बढ़ गया है। इसी तरह देश के अन्य राज्यों में भी इसका विरोध शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ के युवा भी लगातार इसका विरोध कर रहे है। योजना में जल्द ही कोई सुधार या इसे वापस नहीं लिए जाने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी जा रही है।
➡️देश के इन हिस्सों में ऐसे हैं हालात
बिहार में 6 ट्रेनों में आग लगा दी गई। उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के आवास में हमला कर तोड़फोड़ की गई। उत्तप्रदेश के बलिया में रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ हुई। हरियाणा के नारनौल में भारी विरोध के बाद पुलिस ने लाठी चार्ज की। मध्यप्रदेश के इंदौर में छात्रों ने रेलमार्ग बाधित कर दी। झारखंड के पलामू में भी विरोध किया गया। राजस्थान के भरतपुर में पुलिस बलों के साथ मारपीट की गई। तेलंगाना में ट्रेनों में आगजनी की गई।