जशपुरनगर मुनादी।। किसानों की सबसे बड़ी चिंता इस समय है तो वो बारिश की कमी को लेकर है। किसानों के खेतों में अबतक अच्छी बारिश नही होने के चलते पानी नही है जिससे आज किसानो के अधिकतर खेत की फसल मरने के कगार पर है । उसी को देखते हुए जशपुर के युवा विधायक विनय भगत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है एवं मांग करते हुए कहा मानसून 2022 में कम वर्षा /खण्ड वर्षा के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने आगे लिखा उपरोक्त विषय अंतर्गत सादर निवेदन है कि मेरे विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जशपुर मनोरा सन्ना एवं बगीचा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है यहां के ग्रामीण कृषक खेती पर निर्भर रहते हैं किंतु इस बार जशपुर मनोरा एवं बगीचा में कम वर्षा हुई है किसानों की फसल खेतों में सूख रहे हैं जिससे किसानों को अच्छी फसल होने की उम्मीद नहीं है।
किसानों तथा मजदूरों के लिए क्षेत्र में अन्य किसी प्रकार का रोजगार से संबंधित कार्य भी नही चल रहा है वर्तमान में रोजगार गारंटी भी बंद है। आपसे विनम्र निवेदन है कि जशपुर बगीचा विकास को घोषित करते हुए किसानों के फसल मुआवजा देने एवं क्षेत्र में रोजगार मूलक कार्य प्रारंभ कराने का कष्ट करेंगे।
जशपुर विधायक विनय भगत ने कहा मेरे क्षेत्र के अन्नदाता किसानों को कोई भी परेशानी नही होने दिया जायेगा मैं और छत्तीसगढ़ माटी पुत्र किसान का बेटा यहाँ का मुख्यमंत्री है किसानों का दर्द हम समझते हैं किसानों के हर सम्भव मदत हमारी सरकार कर रही है आगे भी करते रहेगी मैं निजी तौर पर भी अन्नदाताओं के साथ हमेशा उनके सुख दुख में खड़ा हूँ।
आपको बता दें कि अभी अभी सरगुजा सम्भाग के विधायकों के पत्र को गम्भीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने सरगुजा संभाग के कई तहसीलों से जमीनी आंकलन तैयार करवाने के निर्देश दिए है ।जिले के कलेक्टर को ही नजरी आंकलन करने के निर्देश मिले लेकिन विवाद यहाँ खड़ा हो गया कि जिले के ही मनोरा और बगीचा,फरसाबहार और बागबहार क्षेत्र को नजरी आंकलन से अलग रखा गया।सांसद गोमती साय इसे जिले के ही इलाकों के साथ भेद भाव बरतने का आरोप लगाया। आपको बता दें कि मनोरा और बग़ीचा जशपुर विधानसभा क्षेत्र में है और विनय भगत जशपुर के विधायक है