रायगढ़ मुनादी।। सारंगढ़ जिले के सरिया थाना अंतर्गत एक फल विक्रेता द्वारा घर में पाकिस्तानी झंडा झंडा फहराने के मामले में अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। मामले में पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं। यदि उसके मुताबिक दोष सिद्ध हुआ तो 3 साल तक की सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है।
सरनागढ़ पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सूचना दी की 25 अक्टूबर को ग्राम सरिया, थाना सरिया, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ निवासी आवेदक अरूण कुमार शराप ने थाना सरिया में लिखित आवेदन दिया कि सरिया निवासी एक विशेष समुदाय के व्यक्ति के घर के छत में पाकिस्तानी डण्डा लगा हुआ है। सूचना पर पुलिस ने मामले में अनावेदक के विरूद्ध भारतीय दंड सहिता की धारा 153-क के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया और त्वरित कार्यवाही करते आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में बीजेपी के कार्यकर्ता थाने का घेराव करते हुए कार्रवाई की मांग करते रहे।
इस पूरे मामले में मुनादी ने कानून विशेषज्ञों और पुराने केस की पड़ताल की है। कानून विशेषज्ञों ने बताया की फिलहाल किसी देश का झंडा फहराने के विरुद्ध कोई विशेष एक्ट या कानूनी प्रावधान नहीं है। विशेषज्ञों ने देश भर में हुई ऐसे घटनाओं के बारे में बताते हुए पूरी जानकारी दी। जिससे समझा जा सकता है की भारतीय दण्ड संहिता इस बारे में क्या कहती है।
➡️ पुराने मामले जिनपर देशभर में चर्चा हुई
1. 2016 में जयपुर में कपिल शास्त्री के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए (धर्म, नस्ल, निवास के । आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और 295 (किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान) के तहत कार्रवाई की गई थी। आरोप था की उसने पाकिस्तानी झंडा घर में लगाया था। हालांकि बाद में जांच में पता चला की आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।
ये थी पूरी खबर Munaadi Big Breaking - फल विक्रेता के घर पाकिस्तान का झंडा, राजनीति में आया उबाल, भाजपाई बैठे धरने पर, एसपी ने कहा - कार्रवाई जारी, पढ़िए पूरी खबर...
2.बीते वर्ष अक्टूबर में टी 20 विश्व कप क्रिकेट मैच में भारत पर पाकिस्तान की जीत का कथित तौर पर जश्न मनाने के लिए उत्तर प्रदेश में कश्मीरी छात्रों और अन्य लोगों पर राजद्रोह के तहत मामला दर्ज किया गया था और गिरफ्तार किया गया था।
3. फारुख खान को देवास जिले में अपने घर पर पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज को कथित रूप से फहराने के आरोप में आईपीसी की धारा 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा के आधार पर समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना और सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक कार्य करना) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
➡️ ऐसी घटनाओं पर पुलिस इस तरह करती है करवाई
➡️ भारत का ध्वज कोड पाकिस्तानी ध्वज पर लागू नहीं होता क्योंकि ध्वज कोड केवल भारतीय ध्वज पर लागू होता है।
हालाँकि, दोनों देशों के बीच संबंधों को देखते हुए, निम्नलिखित बातें हो सकती हैं:
1. पुलिस उस व्यक्ति को गिरफ्तार करेगी - अब, आईपीसी में ऐसा कुछ भी नहीं है जो पाकिस्तानी झंडा फहराना अवैध बनाता है क्योंकि भारत का ध्वज संहिता विदेशी ध्वज पर लागू नहीं होता है ! उस पर संभवत: आईपीसी 268 (सार्वजनिक उपद्रव), आईपीसी 504 (शांति भंग), आईपीसी 153 (ए) या आईपीसी 295 (ए) के तहत दो समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करने की कार्रवाई (अभद्र भाषा कानून) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
2. पुलिस व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी 121 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने या छेड़ने के लिए उकसाना) या आईपीसी 124 (देशद्रोह) लगाने की कोशिश कर सकती है। हालाँकि, IPC 121 और IPC 124 को साबित करना मुश्किल है और उच्च न्यायालयों में बहुत से मामलों को रद्द करने के साथ, यह SJWs के लिए सर्वोच्च न्यायालय में पूरे खंड को रद्द करने का एक कारण बन सकता है। IPC की धारा 504 संभवतः अदालत में प्रभावी हो सकता है और जब तक पुलिस मामले को आगे बढ़ाने का फैसला नहीं करती, तब तक आरोपी को अदालतों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।
17 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार से ऐसे मामलों पर दृष्टिकोण बताने के लिए कहा था। कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि क्या इस तरह के झंडे फहराना गैर कानूनी है ? दरअसल इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई गई थी जिसमे कहा गया था कि इस तरह के झंडे गैर इस्लामिक हैं, याचिका शिया वक्फ बोर्ड की ओर से लगाई गई थी।
