रायपुर मूनादी ।। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बावजूद अगर शिक्षकों को मंडल संयोजक बनाकर गैर-शिक्षकीय काम लिया जा रहा था, तो अब शिक्षा विभाग ने इस पर सीधी कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं।



सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को साफ आदेश दिया है—
मंडल संयोजक के पद पर काम कर रहे शिक्षकों को तत्काल उनके मूल स्कूल में वापस भेजिए।
दरअसल, 17 जुलाई को लोक शिक्षण संचालनालय ने साफ निर्देश दिए थे कि शिक्षकों से गैर-शिक्षकीय काम नहीं लिया जाए।
लेकिन इसके बावजूद शिक्षकों को मंडल संयोजक के पद पर संलग्न कर काम लिया जा रहा था।
अब संयुक्त संचालक ने इस मामले में सख्ती दिखाई है।
सिर्फ रिलीव करने का आदेश ही नहीं…
तीन दिन के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है।
और पत्र में साफ लिखा गया है—
“इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दें।”
यानी शिक्षा विभाग का संदेश बिल्कुल साफ है—
शिक्षक स्कूल में पढ़ाएंगे, दूसरे काम नहीं करेंगे!
अब सवाल है कि अलग-अलग जिलों में मंडल संयोजक बनाकर लगाए गए शिक्षकों को आखिर कब तक उनके मूल स्कूल वापस भेजा जाता है?
और तीन दिन के भीतर विभाग को इसकी रिपोर्ट मिलती है या नहीं?


फिलहाल, इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है।