रायगढ़ मुनादी।। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के अधिकतर जिलों में सघन जांच अभियान चलाया गया। चार पहिया वाहनों से लेकर दो पहिया वाहनों में सफर कर रहे हर व्यक्ति से उसकी पहचान पूछी गई। गाड़ी के कागजात हो या न हो उसके गाड़ी की पूरी छानबीन की जा रही है। खुद एसपी ने शहर में घूमकर पुलिसिंग का जायजा लिया।

पुलिस के इस अचानक किए जा रहे जांच से लोगों को लगा कि शहर में कोई घटना घट गई है। पुलिस अधिकारियों के फोन घनघनाने लगे। उनके जवाब पर किसी को भरोसा नहीं हो रहा था। जब मुनादी ने तहकीकात तो पता चला की यह सब हो रहा है मुख्यमंत्री के निर्देश पर। जिन्होंने पुलिस को ताकीद कर दी है कि पुलिस पर से लोगों का भरोसा उठता दिख रहा है ऐसे में पुलिस और कानून का राज पूरे प्रदेश में दिखना चाहिए अन्यथा सरकार सख्त होगी।
छत्तीसगढ़ में पुलिस की साख को बनाने मुख्यमंत्री ने पुलिसिंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को जिले के हर चाैक चौराहे में पुलिस का दस्ता चेकिंग अभियान में लगा हुआ था। दो पहिया से लेकर बड़ी गाड़ियों में आने जाने वाले लोगों के सभी सामान की चेकिंग की जा रही थी। लोग इस असमंजस में दिखे की पुलिस अचानक से कैसे एक्टिव दिख रही है। पूरे जिले की पुलिस काफी समय बाद एक्टिव दिखी।
जानकारी के अनुसार आईजी का निर्देश है की पुलिस हर कोने में तैनात दिखे। दरअसल मुख्यमंत्री प्रदेश भर में भेंट मुलाकात कार्यक्रम कर रहे हैं और उन्हें छत्तीसगढ़ पुलिस की लगातार शिकायतें मिल रही थी। मुख्यमंत्री ने कुछ दिनों पूर्व ही इस संबंध में बैठक की थी। बैठक में यह मुद्दा सबसे ज्यादा उठा की अपराध का ग्राफ बढ़ते जा रहा है। लोग पुलिस पर भरोसा खो चुके हैं। लगातार शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जनता के बीच में पुलिसिंग व्यवस्था दिखनी चाहिए।
बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी ने सभी जिलों के एसपी को अपने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद शनिवार को सभी जिलों के एसपी स्वयं निर्देश का पालन करते हुए अपने जिले के हर चप्पे चप्पे पर निगरानी रख रहे हैं। एसपी अपनी गाड़ी से खुद शहर के चौक चैराहों में घूमते नजर आए। शुक्रवार की रात अचानक शुरू हुई चेकिंग से जनता परेशान थी। लोग अंदेशा जता रहे हैं की शहर में कोई बड़ी वारदात हुई है। लेकिन पुलिस के अफसरों ने ऑफ द रिकॉर्ड यह बताया की अफसरों ने उन्हें अचानक सघन चेकिंग के निर्देश दिए हैं।
एक साल के भीतर सरकार की छवि सुधारने की कोशिश
उल्लेखनीय है की एक साल के बाद छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। रोड इंफ्रा स्ट्रक्चर और बढ़ते अपराध को लेकर आमजनता में रोष है। इसलिए सरकार इस एक साल को अपना गोल्डन पीरियड मानते हुए हर संभव कोशिश कर रही है। सरकार की प्राथमिकता में अभी प्रदेश में पुलिसिंग व्यवस्था को दुरुस्त करना सबसे बड़ा चैलेंज है। एक साल के भीतर ही छत्तीसगढ़ की जनता को पुलिस महकमे में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।