रायगढ़ मुनादी।। इस दौर में जबकि धार्मिक असहिष्णुता चरम पर है, हवाओं में भी नफरत घोली जा रही हो, जिसमे देश के नेता और तथाकथित मुख्यधारा का मीडिया भी शामिल हो, लोगों की पहचान, कपड़ों और धर्म से की जा रही हो, गंगा यमुनी संस्कृति और धर्म निरपेक्षता का मजाक उड़ाया जा रहा हो, उस दौर में भी कई ऐसे लोग हैं जो कौमी एकता की मिशाल बने हुए हैं। रायगढ़ नगर निगम के वार्ड पार्षद, कांग्रेस के नेता, सलीम नियरिया, जो बीते 34 सालों से रायगढ़ शहर के हंडी चौक में दुर्गा पूजा का आयोजन करवा रहे हैं।
पूरे देश में मां दुर्गा के पूजा का आयोजन जोरों शोरों से किया जा रहा है। लोग माता की भक्ति में लीन है। वहीं शहर के सलीम नियरिया भी बीते 34 सालों से हंडीचौक में दुर्गा पूजा का आयोजन कर सर्वधर्म समभाव की मिशाल पेश कर रहे है। देश में फैले नफरत के बीच आज देश के हर शहर में एक सलीम की जरूरत है।
हमारा भारत त्योहारों के देश के नाम से जाना जाता है। यहां हर दिन कोई धर्म और कोई समाज अपने त्योहार मनाता है। बीते कुछ समय से त्योहारों को भी वर्ग विशेष के अनुसार बांट दिया गया है। कुछ संगठन अपने धर्म पर गर्व करने के नाम पर दूसरे धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन इन्हीं सब के बीच कुछ ऐसे शख्स भी मौजूद हैं। जो सामाजिक समरसता को बनाए रखने धर्म से ऊपर उठकर काम कर रहे हैं।
हम आज बात कर रहे हैं रायगढ़ शहर के कांग्रेस पार्षद सलीम नियारिया की जो 1988 से शहर में हंडीचौक में दुर्गा पूजा का आयोजन करा रहे हैं। इन 34 सालों में वे कभी भी दुर्गा पूजा का आयोजन करने से नहीं चूके। इस पूरे मसले पर मुनादी डॉट कॉम ने सलीम नियरिया से खास बातचीत की। उन्होंने बताया की वे सबसे पहले हिंदुस्तानी है। इसी बात को ध्यान में रखकर सारे काम करते हैं। त्योहार सेलिब्रेट करने को लेकर उनका मानना है की यह उनका अधिकार है। सबकी पूजा पद्धति अलग हो सकती है लेकिन हम सब एक हैं।
जय श्री राम का नारा लगाने से कोई हिंदू नहीं हो जाता
सलीम नियरिया ने आगे बताया की वे कभी हनुमान भगवान की पूजा में शामिल होने पहुंच जाते है तो कभी किसी समाज विशेष के कार्यक्रम का आयोजन खुद जिम्मेदारी लेते हैं। जय श्री राम का नारा भी वे लगाते हैं। इससे वे हिंदू नहीं हो जाते। उनका मानना है की वे पक्के मुसलमान है और यह धर्म उन्हें सभी धर्मों के प्रति आदर करना सिखाता है।
सुनिए क्या कहते हैं सलीम -