रायगढ़ मुनादी।। कोरोनाकाल में आॅनलाईन कक्षाएं संचालित होनें के बाद पिछले दिनों जिलाधीश के आदेश पर खुले शिक्षण संस्थानों में संचालकों के द्वारा स्कूल फीस को लेकर फरमान जारी करने के बाद एक तरफ जहां अभिभावक और छात्र पसोपेश में है तो वहीं दूसरी ओर इस समस्या को विकराल होते देख सामाजिक कार्यकर्ता भी इस समस्या के सही समाधान के लिए आगे आने लगे हैं। स्कूल संचालकों की ओर से स्कूल फीस को लेकर मनमानी रवैया अपनाने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कंकरवाल ने आज जिलाधीश को ज्ञापन सौंपते हुए इस मामले में यथोचित कार्रवाई न होनें पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
जिलाधीश के नाम सौंपे गए ज्ञापन में सामाजिक कार्यकर्ता नरेश कंकरवाल की ओर से कहा गया है कि शहर तथा जिले के निजी शिक्षण संस्थानों में स्कूल खुलने के आदेश के बाद आफ लाईन एग्जाम को लेकर दिशा निर्देश जारी करने के साथ साथ स्कूल फीस पटाने के लिए जबरन दबाव बनाया जा रहा है। जबकि कोरोनाकाल के दौरान व्यापार और नौकरी तथा निजी काम प्रभावित होनें के कारण अधिकांश अभिभावक अपने परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों से ही जूझ रहे हैं ऐसे में अपने बच्चों की स्कूल फीस और वह भी आॅनलाईन कक्षाओं के बावजूद पूरी की पूरी पटाने में कई अभिभावक अपने आपको असमर्थ महसूस कर रहे हैं दूसरी ओर कई शिक्षण संस्थानों ने अभिभावकों को मैसेज करके फीस पटाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।
इस मामले में जिला प्रशासन को पहल करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन निजी शिक्षण संस्थानों में आॅफ लाईन पढ़ाई होनें के बावजूद स्कूल फीस व परीक्षा फीस में कोई माफी नही करना अभिभावकों की जेब में डकैती डालने के सामान है। यदि स्कूल फीस में कोई राहत नही मिलेगी तो कई छात्र छात्राओं को परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। जो कहीं न कहीं देश के भावी नवनिहालों को शिक्षा के अधिकार से वंचित करने जैसा है।
जबकि उन्हें फीस पटाने के लिए और समय देने की जरूरत है तथा समय की जरूरत के हिसाब से फीस में कटौती करना न्यायोचित होगा। श्री कंकरवाल ने ज्ञापन में कहा है कि इन सबके बावजूद अगर कोई भी छात्र स्कूल में आॅफ लाईन उपस्थिति देने या परीक्षा से वंचित होता है अथवा किसी अभिभावक के द्वारा मानसिक विषाद में आकर कोई अप्रिय कदम उठा लिया जाता है तो इसके खिलाफ वे अभिभावकों के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे। श्री कंकरवाल ने स्कूल फीस के मामले में निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों की मनमानी पर अंकुश लगाने जिलाधीश से पूरे मामले को संज्ञान में लेकर स्वयं पहल करने का आग्रह किया है।

