रायगढ़ मुनादी।। शुक्रवार को रायगढ़ तहसील कार्यालय में मार पीट का मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। जहां तहसीलदार सुनील अग्रवाल के खिलाफ अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है वहीं टीम वकीलों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई है।
जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने राजस्व न्यायालय के अंदर आज जमकर नारेबाजी की। इस दौरान आक्रोशित अधिवक्ताओं के द्वारा एक चपरासी के साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट तक कर दी गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान नायब तहसीलदार श्री राठौर के साथ भी मारपीट हुई है।
एसडीएम कार्यालय के सामने शुक्रवार की दोपहर उस समय अजीब सी स्थिति उत्पन्न हो गई जब दर्जनों की संख्या में वहां पहुंचे वकीलों ने तहसीलदार सुनील अग्रवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कार्यालय के बाहर न केवल नारेबाजी शुरू कर दी बल्कि उन्हें हटाने की भी मांग करने लगे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि एक सुनवाई के दौरान तहसीलदार सुनील अग्रवाल ने अधिवक्ता जितेन्द्र शर्मा के साथ दुव्र्यवहार किया था। साथ ही चपरासी को निर्देशित कर अधिवक्ता को धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। इस मामले को लेकर आज अधिवक्ता संघ ने मोर्चा खोलते हुए राजस्व न्यायालय का घेराव किया। इस दौरान तहसीलदार सुनील अग्रवाल मुर्दाबाद और उन्हें बर्खास्त करने नारे लगाए।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि तहसीलदार सुनील अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई नही होती है तो संघ के द्वारा हड़ताल का रूख अख्तियार किया जाएगा। वहीं कल तहसीलदार सुनील अग्रवाल के कहने पर जिस चपरासी के द्वारा अधिवक्ता से मारपीट के आरोप में अधिवक्ताओं ने चपरासी से कार्यालय परिसर के अंदर मारपीट की। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान बीच बचाव करने पहुंचे नायब तहसीलदार श्री राठौर पर भी वकीलों ने थप्पड जड दिए। जिसके बाद कुछ ही देर में तहसील व एसडीएम आॅफिस के सभी कर्मचारी लामबंद हो गए और कामकाज ठप्प करते हुए धरने में बैठ गए। पीड़ित कर्मचारियों के सहकर्मियों का कहना है कि जब तक इस मामले में कार्रवाई नही हो जाती तब तक कार्यालय का पूरी तरह बंद रहेगा। थोड़ी ही देर में इस मामले की गूंज पूरे जिले में फैल गई और जिले के ब्लाक मुख्यालयों के तहसील दफ्तरों में भी कामकाज बंद कर दिया गया।
तीन वकीलों के खिलाफ नामजद एफआईआर
तहसील आफिस के कर्मचारी की शिकायत पर चक्रधर नगर पुलिस ने इस मामले में तीन नामजद अधिवक्ताओं क्रमश कोमल साहू, दीपक मोडक व जितेन्द्र शर्मा के खिलाफ धारा 186,353, 332,294, 34 एसटीएससी एक्ट के खिलाफ अपराध पंजीबद्व कर मामले को जांच में ले लिया है। वहीं अधिवक्ताओं पर एफआईआर के खिलाफ अधिवक्ता संघ के वकील भी घंटो तक चक्रधर नगर थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। देर शाम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा पूरे मामले की जांच उपरांत अधिवक्ताओं की मांग पर तहसील दफ्तर के कर्मचारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के आश्वासन पर अधिवक्तागण वहां से हटे और धरना प्रदर्शन समाप्त किया।

