जशपुर मूनादी।। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड में शिक्षा विभाग को लेकर शिकायतों का मामला अब गंभीर होता दिखाई दे रहा है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के खिलाफ जनपद पंचायत फरसाबहार की उपाध्यक्ष संध्या सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर कार्रवाई और तत्काल स्थानांतरण की मांग की है। पत्र में बीईओ पर नगद वसूली, पारदर्शिता की कमी और शिक्षा विभाग की छवि खराब करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।



जनपद उपाध्यक्ष संध्या सिंह का कहना है कि शिक्षा के नाम पर वसूली की लगातार आ रही शिकायतों से सरकार और शिक्षा विभाग दोनों की छवि खराब हो रही है ऐसे में ऐसे अधिकारियों से यहाँ से हटाए जाने भी भलाई है ।
आपको बता दें कि शिक्षक फेडरेशन की फरसाबहार इकाई ने भी फरसाबहार के BEO, ABO और BRC के खिलाफ शिक्षकों से कथित तौर पर बेहिसाब अवैध वसूली किए जाने की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में की है। शिकायतों के बाद अब पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
*मूनादी ने उठाया मुद्दा, प्रशासन हुआ एक्टिव*
शिक्षा विभाग से जुड़ी इन शिकायतों को मूनादी ने प्रमुखता से उठाया। खबर सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की दिशा में कदम बढ़ाया है। बताया जा रहा है कि कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए एक जांच टीम गठित कर दी है।सबसे अहम बात यह है कि जांच टीम को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब जांच की रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
*जनपद उपाध्यक्ष ने CM से क्या मांग की?*
मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में जनपद पंचायत फरसाबहार की उपाध्यक्ष संध्या सिंह ने आरोप लगाया है कि बीईओ द्वारा शिक्षा समिति के समक्ष पर्याप्त पारदर्शिता नहीं रखी जाती और समिति के सदस्यों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती। पत्र में नगद वसूली और विभाग में लापरवाही के आरोप लगाते हुए बीईओ दुर्गेश देवांगन को विकासखंड मुख्यालय से तत्काल हटाने की मांग की गई है।
बहरहाल,एक तरफ जनपद उपाध्यक्ष की शिकायत, दूसरी तरफ शिक्षक फेडरेशन की शिकायत और ऊपर से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय तक पहुंचा मामला , इन तमाम घटनाक्रमों के बीच कलेक्टर द्वारा जांच टीम गठित किए जाने से फरसाबहार के शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिक्षकों से कथित वसूली के आरोपों में कितनी सच्चाई है? शिकायतों के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं? और जांच टीम की तीन दिन की रिपोर्ट में क्या सामने आता है?
फिलहाल गेंद जांच टीम के पाले में है और तीन दिन बाद आने वाली रिपोर्ट यह तय करेगी कि आरोपों में कितना दम है और आगे प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।


मूनादी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। जांच रिपोर्ट सामने आते ही हम आपको बताएंगे कि जांच में क्या निकला।