जशपुर मुनादी ।। शनिवार की देर रात एक शिक्षक को निलंबित किए जाने का आदेश सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जिले का शिक्षक संघ निलंबित शिक्षक के समर्थन में आ गया है। शिक्षको के व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा जा रहा है कि शिक्षक को निलंबित करने से पहले न तो सोशल मीडिया में वायरल फोटो की विभाग द्वारा पुष्टि कराई गई न जांच।बगैर जांच या तस्वीर की पुष्टि किए ही शिक्षक को निलंबित कर दिया गया ।

आपको बता दें कि शनिवार को सोशल मीडिया में पत्थलगांव ब्लॉक के रोकबहार स्कूल के शिक्षक गौरीशंकर भगत (सहायक शिक्षक एलबी )का एक फोटो वायरल हुआ।वायरल फोटो में बताया गया कि शिक्षक स्कूली बच्चे के सामने शिक्षा के मंदिर याने स्कूल में शराब का सेवन कर रहा है।सोशल मीडिया में दिन भर यह तस्वीर वायरल होती रही और शनिवार की देर शाम शिक्षा विभाग ने उक्त शिक्षक को निलबित करने के आदेश जारी कर दिए ।निलंबन का आदेश रविवार की सुबह सोशल मीडिया में जैसे ही वायरल हुआ शिक्षक संघ निलंबित शिक्षक गौरीशंकर भगत के समर्थन में आ गया। सहायक शिक्षको ने अपने ग्रुप में लिखा है कि जिस तस्वीर को लेकर शिक्षक को निलंबित किया गया है वो तस्वीर कब की है और यह तस्वीर किसने ली तथा इसके पीछे किसी का क्या पूर्वाग्रह हो सकता था इसकी जांच होनी थी लेकिन बगैर जांच किए गए यह कैसे प्रमाणित हो गया कि शिक्षक शराब पी रहा है और जहां शराब पी रहा है वो शिक्षा का मंदिर याने स्कूल है ?
निलंबित शिक्षक गौरी शंकर भगत का कहना है कि यह त्स्वीर 3 माह पहले का है ।जब वह गांझियाडीह के एक ढाबे का है।दोपहर के समय बारिश हो रही थी और मैं वहां खाना खा रहा था ,शराब नहीं पी रहा था ।तस्वीर में जिसे स्कूली छात्र बताया गया है वह मेरा भतीजा है जो मेरे साथ हर दिन स्कूल आना जाना करता है ।मुझे बेवजह फंसाया गया है।सकारात्मक तस्वीर की नकारात्मक प्रस्तुति की गई है।
पत्थलगांव ब्लॉक फेडरेशन के अध्यक्ष यशवंत यादव का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई हो संघ को कोई आपत्ति नहीं होगी लेकिन इस मामले में आपत्ति इस बात पर है कि ढाबे की तस्वीर को स्कूल बताया गया और इन्ही बेबुनियाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर दी गई।विभाग पहले जांच कर ले फिर कार्रवाई करे ।
पत्थलगांव के जनपद अध्यक्ष सुकृत सिंह सिदार का कहना है कि 3 माह पुरानी तस्वीर को गलत तरीके से वायरल करके किसी के विरुद्ध कार्रवाई की साजिश रचना गलत है।उन्होंने कहा कि मैंने अन्य शिक्षको से भी बात की है लेकिन सभी ने यही बताया कि वायरल तस्वीर किसी होटल की है और निलंबित शिक्षक होटल में अपनी भतीजी के साथ खाना खा रहा है ।उन्होंने बताया कि जिला शिक्षाधिकारी से भी मैने इस संबंध में बात की है और जांच के बाद करवाई करने को कहा है ।
फेडरेशन के प्रदेश नेता अजय गुप्ता का कहना है दोषी पाए जाने पर विभाग कारवाई कर सकता है लेकिन उक्त शिक्षक दोषी है या नहीं यह तो जांच से ही प्रमाणित होगा इसलिए ऐसे शिकायतो की जांच होनी चाहिए ।जांच के बाद कार्रवाई उचित है ।उन्होंने कहा कि तस्वीर वायरल करने वाले जब तवीर की पुष्टि नहीं कर रहे फिर विभाग ने कैसे पुष्टि किया कि तस्वीर पुष्ट है?।उन्होंने शिक्षको से अपील किया है कि शैक्षणिक कर्तव्यों का शिक्षक पालन करे इस दौरान शराब सेवन न करें ।
आपको बता दें कि शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने शराब पीकर स्कूल आने वाले शिक्षको के लिए एक आदेश जारी किया है जिसमे शराब पीकर स्कूल नहीं आने शिक्षको से शपथ पत्र लिया जाएगा।