डेस्क मुनादी।। जिंदगी के इम्तिहान में फेल हो जाने वाले झारखण्ड के 15 वर्षीय छात्र मुद्दसिर 10वीं बोर्ड में फर्स्ट डिवीजन पास हो गया। मुद्दसिर बीते 12 जून को झारखण्ड के राँची में हुई हिंसा की भेंट चढ़ गया था ।हिंसा में हुई मौत के 10 दिन बाद जब मुद्दसिर का रिजल्ट आया तो वह 386 अंक के साथ फर्स्ट डिवीजन पास हो गया ।
आपको बता दें कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के बयान के बाद 10 जून को भड़की हिंसा में 20 वर्षीय साहिल और 15 वर्षीय मुदस्सिर की मौत हो गई थी ।मुदस्सिर आलम ने जैक बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा लिखी थी।पुनदाग स्थित लिटिल एंजल स्कूल का छात्र था ।और अपने माँ पिता का इकलौता सन्तान था । वह अपने स्कूल के होनहार छात्रों में से एक था ।रिजल्ट के मुताबिक उसे सबसे ज्यादा 71 अंक इंग्लिश में मिले है जबकि उर्दू में 70,हिंदी में 64,सोशल साइंस में 68 और मैथ में 53 अंक मिले हैं।हांलाकि यह रिजल्ट न तो मुदस्सिर के काम का रह गया न ही उसके माता पिता के ।
मुदस्सिर के पिता परवेज और मां निखत ठेला में फल बेचकर अपने इकलौते सन्तान को बेहतर से बेहतर तालीम देकर उसे बड़े ओहदे में देखने का सपना संजोए थे लेकिन 10 जून को भड़की हिंसा में इनका सबकुछ लूट गया।उंन्हे आज भी समझ नही आ रहा है कि पढ़ाई लिखाई में इतना होनहार उनका इकलौता चिराग हिंसक भीड़ शामिल कैसे हो गया ।