जशपुर मुनादी।। बीते 4 दिनों से जिले का वन अमला हाथी के एक बच्चे को लेकर भारी परेशान है।पूरा विभाग इस बच्चे को सही ठिकाने पर पहुँचचाने के लिए भारी मशक्कत कर रहा है लेकिन विभाग की हर कोशिश फेल हो जा रही है। विभाग बार बार शावक को हाथियों के दल से शावक को मिलान कराने शावक को जंगल मे छोड़ रहा है और शावक बार बार उसी जगह वापस लौट आ रहा है जहाँ वह पहली बार ग्रामीणों द्वारा देखा गया था ।

वन विभाग ने बताया कि शावक को सही ठिकाने पर छोड़ने के लिए शावक के मादा हाथी की पहचान की जा रही है।इसके लिए बाहर से ट्रैकर बुलाये गए है जो हाथियों के हर ठिकानों पर जाकर शावक की माँ की पहचान करने में लगे हैं लेकिन अभी तक यह प्रयास भी सफल नहीं हो पाया है।
वन परिक्षेत्र तपकरा के वन कर्मचारियों ने बताया कि शावक को सही दल में मिलान कराने के लिए रेंज के रेंजर से लेकर क्षेत्र में कार्यरत लगभग सभी कर्मचारियों को लगा दिया गया है।रात दिन एक करके शावक के असली ठिकाने की तलाश की जा रही है । फोरेस्टर अविनाश शर्मा ने बताया कि अभी आखिरी प्रयास किया जा रहा है अगर सफल नहीं हुआ तो शुक्रवार को शावक को पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा ।
आपको बता दें कि उड़ीसा राज्य की सीमा से लगे लावकेरा इलाके के समडममा गाँव मे 3 दिन पहले दल से भटकते हुए हाथी का शावक आ गया था । वन विभाग को लगा कि किन्ही परिस्थितियों वश शावक दल से बिछड़ गया होगा इसलिए शावक को उसी दिन मादा हाथी के ठिकाने को चिन्हित करके जंगल मे छोड़ दिया गया था लेकिन अगले दिन फिर से शावक उसी गाँव मे लौट आया । एक्सपर्ट लोगो का कहना है कि इंसानो के स्पर्श और सानिध्य में आने के चलते मादा हाथी शावक को स्वीकार नही कर रही है न ही हाथियों का दल इस शावक को अपने दल में शामिल कर रहा है ।यही वजह है कि बार बार जंगल मे छोड़ने के बाद भी शावक उसी जगह वापस लौट जा रहा है ।