जशपुर मुनादी।। महंगाई के इस दौर में छत्तीसगढ़ में इस महीने बिजली बिल का डंक जोरों से उपभोक्ताओं को लगा है, और बिजली बिल का डंक कुछ ऐसा है कि बिजली खपत के लगभग 5 गुना तक लोगों को भरना पड़ रहा है। यह बिजली बिल अतिरिक्त सुरक्षा निधि के नाम से ऐड होकर आ रहा है।

हालांकि पिछली बार भी इस सुरक्षा निधि को लेकर जब विरोध के स्वर तेज हुए तो, आनन फानन में सरकार ने सुरक्षा निधि के नाम से वसूली जाने वाली राशि को 50 प्रतिशत तक कम किया था पर इस बार सरकार ऐसा कुछ करती नही दिख रही है।
हालांकि सरकार कहती है कि हम उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल हॉफ योजना लागू किये हैं, पर जिस तरह अन्य डयूटी और चार्ज जोड़े जा रहे हैं, वहां सरकार की मंशा साफ नही हो पा रही, कि आखिर हो क्या रहा है। बात यह भी कि बिजली बिल को लेकर विपक्ष सड़क पर आंदोलन करती दिखती है, कई बार तो ऐसा हुआ है कि लोग भी विरोध में सड़क पर उतर गए हैं। पर अब तक रियायत नाम की कोई चीज नजर नही आती। अब इसके पीछे बिजली कंपनियों कि छत्तीसगढ़ में मनमानी है, या सरकार की कोई चाल! हालांकि यह जरूर है बिजली बिल हाफ के नाम पर कुछ राशि बिल में रिबेट जरूर दिखाता है, पर शोर बिजली बिल का बढा हुआ आने का बहुत है।
अब हम आपको इस महीने के एक बिजली बिल का उद्धरण प्रस्तुत कर रहे है, जो इस महीने आया है, जिसमे बिजली बिल खपत मात्र 224 यूनिट है। पर बिल आया है 2300 रुपये, जब इस बिजली बिल को आप गौर से देखते हैं तो आपको जो लंबे चौड़े बिल में दर्शित राशि भी समझना आवश्यक होगा। जहां 887.20 पैसे इस कुल खपत की राशि जोड़ी गयी है, इसके बाद ड्यूटी चार्ज के नाम पर 103 रुपये, वहीं सेस के नाम पर 22.40 रुपये चार्ज किये जाते हैं, फिर आपको बिजली बिल हाफ योजना के तहत 521.92 पैसे की छूट दी जाती है। आगे चलेंगे तो आपको सीधे अतिरिक्त सुरक्षा निधि के नाम पर 1654 रुपये चार्ज कर दिया जाता है। अब आगे उसमे आगे वी सी ए के नाम से 136.64 रुपये चार्ज कर दिए गए हैं, और आपका इस महीने का बिजली बिल हो गया 2301.32 पैसे, जिसमे आपको 15 नवंबर तक 2300 रुपये बिजली बिल पटाना है।
मतलब कि बिजली कंपनियां कभी कान इधर से पकड़ रही है, कभी उधर से, और उपभोक्ता बिजली बिल के नाम से मरा जा रहा है, विपक्ष भी फीलहाल इस मामले में चुप दिख रही है, और विपक्ष यह जानकर भी चुप है कि चुनावी साल है, बिजली बिल के रूप आक्रोश सीधे घर घर तक पहुँच रहा है, जिसके लिए कैम्पेन और प्रदर्शन की अभी जरूरत नही, बस मौके पर हथोड़ा मारना है। बहरहाल जो हो पर पहले से बिजली बिल के नाम पर हलाकान उपभोक्ता पर इस महीने सुरक्षा निधि के नाम पर 5 गुना बिजली बिल की वसूली कहीं न कहीं सवाल और आक्रोश पैदा कर ही रहा है। बाकी सरकार की नीतियां है सरकार जाने!!