रायगढ़ मुनादी।। अंतर्राज्यीय बाईक चोर गिरोह का खुलासा करते हुए रायगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चोरी की बाईक खरीदने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की 21 मोटर सायकल बरामद की है। चोरी की बाईक की कीमत करीब 15 लाख रूपये बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन में साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चोरी की 21 मोटरसाइकिल बरामद की है। मुख्य आरोपी सुखदेव चौहान को गिरफ्तार किया गया है, उसका साथी शिव नागवंशी फरार है। पुलिस ने चोरी की बाइक खरीदने वाले 9 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। बरामद 21 मोटरसाइकिलों की बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये आंकी गई है। संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा सभी थाना प्रभारियों को पुराने चोरों और बाइक चोरी करने वालों पर विशेष निगाह रखने निर्देशित किया गया था। इसी क्रम में साइबर सेल को क्षेत्र में मुखबिर सक्रिय कर संगठित रूप से बाइक चोरी करने वालों पर निगरानी रखने कहा गया था।
इसी दौरान सूचना मिली कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान और किलकिला निवासी शिव नागवंशी मिलकर पूंजीपथरा, धरमजयगढ़ और ओड़िशा के भीड़-भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी कर सस्ते दामों में बेच रहे हैं। सूचना पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक और थाना प्रभारी पूंजीपथरा निरीक्षक रामकिंकर यादव को संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए।
संयुक्त टीम ने ग्राम धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपने साथी शिव नागवंशी के साथ मिलकर बाइक चोरी करना और उन्हें बेचने की बात स्वीकार की। आरोपी ने बताया कि उसने जुलाई 2025 में थाना पूंजीपथरा क्षेत्र के सराईपाली बाजार से एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल और अगस्त 2025 में तुमीडीह बाजार से एक पल्सर मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके अलावा मार्च 2026 में थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम पोरिया से एक एचएफ डीलक्स बाइक चोरी करना भी स्वीकार किया। इन मामलों में थाना पूंजीपथरा (अपराध क्रमांक 56/25 और 178/25) और थाना धरमजयगढ़ में पूर्व से अपराध (अपराध क्रमांक 81/26) दर्ज हैं।
आरोपी सुखदेव चौहान ने बताया कि उसने चोरी की मोटरसाइकिलें कार्तिक राम डूंगडूंग, रामकुमार वैष्णव, केशव यादव, भोजराम पैंकरा, जगदीश पैंकरा, शिवचरण चौहान, सुखचरण चौहान, अमित कुमार नागवंशी और शिवप्रसाद विश्वकर्मा को बेची थीं। पुलिस ने इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 14 मोटरसाइकिल बरामद की। वहीं आरोपी सुखदेव चौहान द्वारा अपने बाड़ी में छिपाकर रखी गई 7 अन्य मोटरसाइकिल भी जप्त की गई।
पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने कुल 21 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है, जिनकी बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये है। आरोपियों द्वारा संगठित रूप से बाइक चोरी करना स्वीकार किए जाने पर प्रकरण में धारा 112(1) बीएनएस जोड़ी गई है। वहीं चोरी की संपत्ति खरीदने वाले आरोपियों के विरुद्ध धारा 317(2),317(4) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों पेशे से ड्राइवर हैं और गाड़ियों की मरम्मत का काम भी जानते हैं। इसी वजह से वे पेचकस और अन्य सामान्य औजारों की मदद से आसानी से मोटरसाइकिल का लॉक तोड़कर बाइक चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वे मोटरसाइकिलों को सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखते और बाद में सस्ते दामों में बेच देते थे।
इन मामलों का हुआ खुलासा
1-महुआ चौक पूंजीपथरा 1बाइक NS पल्सर 200,
2- सराईपाली बाजार पूंजीपथरा 1बाइक पैसन प्रो,
3-धरमजयगढ़ बस स्टैंड 2 बाइक
4-कोतबा अटल चौक 1 बाइक,
5-सरगीपाली ओड़िसा 5 बाइक,
6-उज्जलपुर ओड़िसा 4 बाइक,
7-लेफरीपारा ओड़िसा 7 बाइक