जशपूर मुनादी ।।बीते 3 मई को दुलदुला के विपतपुर (सुगाकोना)में ग्रामीणों के द्वारा एक युवक को पीट पीट कर मार डालने की घटना को अंजाम देने वाले 7 लोगो की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में नया मोड़ आना शुरू हो गया है।

जिन सात लोगो को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा है उनके परिजन एवं गाँव के दर्जनों लोग सोमवार को न्याय की फरियाद लेकर कुनकुरी विधायक यूडी मिंज से मिलने पतराटोली में जमा हुए और विधायक को बताया कि पुलिस जिन्हें हत्या का आरोपी बता रही है और हत्या का आरोप लगाकर जिन्हें जेल भेजी है दरअसल उस हत्या में वो कहीं नहीं शामिल थे इन्होंने मृतक के साथ कोई मार पीट नहीं की है ।इनका कहना है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई किया है। मामले के असली दोषी गिरफ्तार नहीं हो पाए है।
दरअसल दर्जनों महिलाएं सोमबार को इसी मामले में एसपी से मिलने जशपुर जा रहे थे।लेकिन एसपी से मिलने से पहले ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक से मिलकर अपनी बात कहने का फैसला लिया। महिलाओं ने इस बावत यूडी मिंज से दूरभाष पर सम्पर्क किया तो विधायक जरूरी कार्यक्रमो को स्थगित करते हए फरियादियों से मिलने सीधे पतराटोली पहुंच गए और महिलाओं की पूरी बात सुनने के बाद उन्होंने इस सम्बंध में जिले के पुलिस अधिकारियो से बात की ओर उंन्हे भरोसा दिया कि निर्दोषों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा ।काफी देर तक पतरा टोली में चौपाल लगा रहा और विधायक हरेक की बात बारी बारी से सुनते रहे ।
इस दौरान मौके पर ग्रामीण महिलाएं ,विधायक के साथ साथ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविंद साय, कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के ब्लॉक अध्यक्ष गुलेश्वर यादव विपतपुर सरपँच और उपसरपंच भी मौजूद थे ।
इधर इस मामले में पुलिस अपनी कार्रवाई पर कॉन्फिडेंट नजर आ रही है।पुलिस का कहना है कि पुलिस ने पूरी बारीकी से विवेचना करके कार्रवाई की है किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नही हुई है।मामले की विवेचना कर रहे एसडीओपी मनीष कुंवर ने बताया कि पुलिस ने प्रमाण के आधार पर कार्रवाई की है ।कार्रवाई निष्पक्ष रूप से की गयी है।
दरअसल पूरा फसाद इस बात पर हुआ कि मृतक बिगत 15 अप्रेल को अपने चचेरे भाई प्रभु प्रकाश तिर्की को झारखण्ड ले गया था लेकिन प्रभु प्रकाश वहाँ से कहीं लापता हो गया ।जब मृतक गाँव लौटा और प्रभु प्रकाश के घरवालों ने पूछा कि प्रभु कहाँ है तो उसने बताया कि वह कहीं लापता हो गया है।काफी दिनों तक लापता युवक को घरवाले ढूंढते रहे और जब वह नहीं मिला तो घरवाले और गाँव वालों को मृतक के ऊपर शक होने लगा ।1 मई को गायब युवक के परिजन और कुछ गाँव के लोग मृतक को साथ लेकर गायब को ढूंढने झारखंड पहुंच गए और जब गायब प्रभु नहीं मिला तो मृतक की उन्होंने पिटाई शुरू कर दी बाद में पुलिस हस्तक्षेप के बाद मृतक को छोड़ दिया गया लेकिन जब मृतक अगले दिन फिर से गाँव लौटा तो ग्रामीण और गायब युवक के परिजन भड़क गए और मृतक को उन्होंने लाठी डंडे से पीटना शुरू कर दिया और उसकी मौत हो गयी।
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