छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भारतमाला सड़क निर्माण में जमीन विवाद ! ग्रामीणों ने की शिकायत, धरमजयगढ़ के सिसरिंगा में निजी एवं शामिल खाते की भूमि पर मिट्टी-पत्थर डालने का आरोप

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October 18, 2026



छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भारतमाला सड़क निर्माण में जमीन विवाद ! ग्रामीणों ने की शिकायत, धरमजयगढ़ के सिसरिंगा में निजी एवं शामिल खाते की भूमि पर मिट्टी-पत्थर डालने का आरोप

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रायगढ़ मुनादी।। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में भारतमाला सड़क निर्माण कार्य के बीच जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। ग्राम पंचायत सिसरिंगा के दो ग्रामीणों ने थाना धरमजयगढ़ में अलग-अलग आवेदन देकर चंदन चौहान के विरुद्ध धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। आवेदकों का आरोप है कि सड़क निर्माण कंपनी के अधिकारियों के साथ पहुंचे चंदन चौहान ने उनकी जमीन पर मिट्टी-पत्थर डालने और समतलीकरण कराने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद उनकी भूमि खेती और अन्य उपयोग के लिहाज से अनुपयोगी हो गई। शिकायतकर्ताओं ने कथित भुगतान के आश्वासन का पालन नहीं होने की बात भी कही है।

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पहले आवेदन में निजी जमीन पर मिट्टी-पत्थर डालने का आरोप

18 अक्टूबर को दिए गए आवेदन में राम कुमार झरिया, पिता जगलाल, निवासी थाना घरघोड़ा क्षेत्र ने बताया है कि ग्राम पंचायत सिसरिंगा में उनकी पत्नी के नाम पर भूमि स्थित है। उनके अनुसार भारतमाला सड़क निर्माण कार्य के दौरान चंदन चौहान कंपनी के अधिकारी के साथ मौके पर पहुंचे और उनकी जमीन पर मिट्टी-पत्थर डाल दिया गया। आवेदक का कहना है कि जमीन पर काफी ऊंचाई तक मिट्टी-पत्थर जमा हो जाने से वहां मकान बनाना भी संभव नहीं हो पा रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मामले की जांच कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है।


दूसरे आवेदन में शामिल खाते की जमीन को लेकर गंभीर आरोप

इसी दिन थाना धरमजयगढ़ में दिए गए एक अन्य आवेदन में सिसरिंगा निवासी रातूराम, पिता घासीराम राठिया ने आरोप लगाया है कि चंदन चौहान ने सड़क निर्माण कंपनी के अधिकारियों के साथ पहुंचकर उनकी शामिल खाते की भूमि पर मिट्टी डालकर समतल करने की बात कही थी। आवेदन के अनुसार, इसके एवज में प्रति माह 30 हजार रुपये देने तथा अलग से पेड़ लगाने के लिए प्रति पेड़ 30 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। आवेदक का दावा है कि इस दौरान उनका आधार कार्ड पासबुक का फोटो भी लिया गया, लेकिन कथित आश्वासन के बावजूद उन्हें राशि नहीं मिली।

रातूराम ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि उनकी भूमि पर मिट्टी-पत्थर का ऊंचा ढेर जमा हो गया है, जिससे खेती करना संभव नहीं रह गया है। उन्होंने मामले को धोखाधड़ी बताते हुए जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।


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