जशपुर मुनादी।। मुनादी ने एक बार फिर अपने थीम "Voice of Viceless" के साथ काम किया, जहां हम उनकी आवाज बनने की कोशिश करते हैं, जिनकी आवाज कोई नही सुनता। Munaadi.com में खबर चलने के बाद आखिर सरकार जागी और सरकार की तरफ से संवेदना दिखाते हुए स्वास्थ्य मंत्री टी.एस सिंहदेव ने पहाड़ी कोरवा के इलाज का जिम्मा लिया, और अब पहाड़ी कोरवा का इलाज रायपुर के दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल( दाऊ कल्याण सिंह स्नातकोत्तर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र) रायपुर में चल रहा है।
ये थी खबर - इनकी तो सुन लो सरकार ! यहां मौत के इंतजार में मना रहे मातम, व्यवस्था ने मरने के लिए छोड़ दिया पहाड़ी कोरवा को, न इलाज न ही ........... पढ़िए पूरी खबर

हम आपको बता दें जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के हर्राडीपा गांव के पहाड़ी कोरवा महेंदर को 26 अगस्त को खेतों में काम करने जाते समय भालू ने हमला कर उसकी खोपड़ी और जबड़ा उखाड़ दिया था। जिसके बाद उसे सन्ना के अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद रिफर कर जिला अस्पताल अम्बिकापुर भेज दिया गया था, जहां से भी उसे रायपुर ले जाने की बात कह कर जिला अस्पताल ने पल्ला झाड़ लिया था। जिसके बाद परिवार के मिन्नतों के बाद होलीक्रॉस अम्बिकापुर में एडमिट कर तो लिया गया, पर इन 8-10 दिनों इलाज में पहाड़ी कोरवा परिवार का इलाज में गाय, बैल, बकरी सब बिक चुका था, और तो और अस्पताल के इलाज का 1 लाख बकाया भी था, मजबूर परिवार के घर से रह -रह के लगातार रोने की आवाजे आती रहती थी, जो उनके परिवार का करुण क्रंदन था, और असहाय परिवार मजबूरीवश अपने मुखिया के मौत के इंतजार में न चाहते हुए भी बैठ गया। इस खबर को मुनादी ने न सिर्फ उठाया था बल्कि इसके इस स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों से बात भी की थी।
खबर पढ़ते ही स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने लिया संज्ञान
अब खबर यह है कि महेंद्र के बारे में स्वास्थ्य मंत्री टी.एस सिंहदेव को जब munaadi के मध्यम से पता चला तो उन्होंने मामले में संज्ञान लिया, और मरीज को संपर्क करके 16 सितंबर को रायपुर बुलवा लिया। जहां उनकी एक निजी टीम पहाड़ी कोरवा परिवार के साथ लगातार संपर्क में है, और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उसका इलाज जारी है। मरीज महेंदर की खोपड़ी और जबड़े में प्लेट लगना है, जिस हेतु डॉक्टरों की टीम लगी हुई है।
नही जागा जिला प्रशाशन, न जिले का ही कोई नेता
मरीज को लेकर अब तक जिला प्रशासन या किसी नेता ने ही किसी प्रकार का कोई संज्ञान नही लिया है, वहीं वन विभाग मात्र 10 हजार रुपये देकर अपने दायित्वों की इतिश्री कर ली है, इसके अलावा न तो जिला प्रशासन ने ही मौत से जूझ रहे पहाड़ी कोरवा महेंदर की अब तक कोई खोज खबर ली, न ही जशपुर जिले के यहां बड़ी बड़ी बातें करने वाला कोई नेता!
इन्होंने बहुत मदद की
क्षेत्र के कोरवा नेता प्रदीप नारायण ने कोरवा परिवार को रायपुर पहुंचाने के लिए लाइनअप किया, क्योंकि पहाड़ी कोरवा परिवार कभी ब्लॉक से बाहर गया नही था, और उनके अंदर रायपुर में खो जाने का डर समाया हुआ था, तब दीवान प्रदीप नारायण ने पहले उन्हें अंबिकापुर पहुंचाया, वहाँ से सरकारी एम्बुलेंस से रायपुर दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल रायपुर भेजा गया, जहां पहाड़ी कोरवा महेंदर का इलाज जारी है।