डेस्क मुनादी।। यदि सरेआम किसी की हत्या हो जाए, वह भी पुलिस के सुरक्षा घेरे के अंदर तो उसे कानून का राज क्यों और कैसे कहा जा सकता है। यह सवाल आजकल सोशल मीडिया में लगातार पूछा जा रहा है। दरअसल मामला यूपी के प्रयागराज में पूर्व बसपा नेता व कई मामले के आरोपी, बाहुबली अतीक और उसके भाई अशद की सरेआम हत्या के बाद से यह सवाल उठ रहे हैं।
कैमरे में कैद हत्यारे, हत्या का पूरा माजरा क्या बयान करता है? दरअसल अतीक अहमद और उसके भाई अशद को आज प्रयागराज में पूछताछ के बाद मेडिकल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज लाया गया था। वहां पहले से मौजूद मीडिया ने जब सवाल करना शुरू किया तभी तीन लोगों ने चौतरफा पिस्टल से हमला करते हुए अतीक और अशद की हत्या कर दी। पुलिस को कुछ करने की जरूरत नहीं थी क्योंकि हत्यारे अपना काम करते ही सरेंडर कर दिया।
तीनों हमलावरों की पहचान सामने आ चुकी है। तीनों हमलावर उत्तर प्रदेश के ही रहने वाले हैं, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि इनमें से कोई भी प्रयागराज का नहीं है। पहला हमलावर लवलेश तिवारी यूपी के बांदा का रहने वाला है, वहीं, दूसरा हमलावर अरुण मौर्य हमीरपुर का है, जबकि तीसरा हमलावर सनी कासगंज जनपद का रहने वाला है। तीनो अभी पुलिस के गिरफ्त में हैं।
चूंकि मौके पर तमाम मीडिया के लोग भी मौजूद थे इसलिए सभी घटना की वीडियो फुटेज मौजूद है। पहले मीडिया के लोगों ने अतीक अहमद से सवाल किया इसके बाद अशद की तरफ जैसे ही माइक घूमी अचानक फायरिंग शुरू हो गई। सभी सीन फिल्म की तरह रिकॉर्ड हो गए ।