
रायगढ़ मुनादी।। कोतरारोड ओवरब्रिज के पास गुरुवार सुबह होम सिग्नल पर खड़ी मालगाड़ी को पीछे से एक इंजन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि खड़ी मालगा़ड़ी के चार बोगी बेपटरी हो गई। हादसे में दो (लोको पायलट) ड्राइवर घायल हो गए। जिनका इलाज चल रहा है। दूसरी तरफ रेलवे के अधिकारी इस हादसे के बारे में बात करने से भी बच रहे है।
अभी फिलहाल उनका प्राइवेट अस्पताल में ईसीजी किया जा रहा है। इस घटना के बाद से रेलवे तीसरी लाइन को रिस्टोर करने में लगा हुआ है। अभी तक घटना के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। रेलवे के अफसरों की टीम गठित कर दी गई है। जो इसकी जांच करेगा। फिलहाल रेलवे के अफसर किसी भी तरह की बयानबाजी से बच रहे है। क्योंकि बिलासपुर डिवीजन में कुछ महीनों से लगातार डिरेलमेंट की घटनाएं बढ़ गई है। एक दिन पूर्व ही डिवीजन के नए सीनियर डिवीजनल विद्युत अभियंता जे वी रवि ने अपना पदभार संभाला है। दूसरे ही दिन उन्हें रेल दुर्घटना की खबर मिली। अब लगातार क्रू मेंबर्स से बात कर रिपोर्ट ली जा रही है।
ब्रेक फेल होने की आशंका
ओ पी दास काफी वरिष्ठ लोको पॉयलट हैं। उनके कुछ साल ही नौकरी के बाकी है। ऐसे में उनमें अनुभव की कोई कमी नहीं है। वरिष्ठ ड्राइवरों का मानना है कि शंटिंग के दौरान ब्रेक फेल होने के कारण ऐसी घटना हुई होगी। क्योंकि पटरी बदलने की जगह घटना स्थल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। ढलान होने के कारण इंजन की स्पीड बढ़ी होगी और वह आकर सीधे मालगाड़ी से टकरा गई। बहरहाल जांच के बाद ही घटना के असल वजहों का पता चल पाएगा।
मालगाड़ी बेपटरी होने के हादसों से घबराया रेलवे
कुछ महीनों में कई बड़ी दुर्घटनाएं सामने आ चुकी है। किसान स्पेशल ट्रेन पहले डिरेल हुई। जामगांव में मालगाड़ी ओवरशूट हुई। फिर ब्रजराजनगर में दो गाड़ियों में भिड़ंत हुई। इसी तरह पूरे बिलासपुर डिवीजन में दर्जनभर से अधिक मालगाड़ी के बेपटरी की खबरें आ चुकी है। रेलवे माल लदान का टारगेट पूरा करने के चक्कर में लगातार मालगाड़ियों का फेरा बढ़ा रहा है। लेकिन मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दे रहा है।