रायगढ़ मुनादी।। भाजपा नेता ओपी चौधरी और गिरिधर गुप्ता ने भाजपा कार्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार के उस आदेश की मुखालफत की जिसमें प्रदेश भर में किसी भी रैली या सभा करने से पहले सरकार से अनुमति लिए जाने की बात कही गयी है। भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस सरकार की तानाशाही और लोकतंत्र के खिलाफ कदम बताया। उन्होंने सरकार को 15 दिन की मोहलत देते हुए कहा कि यदि 15 दिन के अंदर यह आदेश वापस नहीं होता है तो भाजपा उग्र आंदोलन करेगी।
लेकिन इनके इस प्रेस कांफ्रेंस में भी यह पाबंदी थी कोई दूसरा सवाल कोई न पूछे । हालांकि इसपर जब पत्रकारों ने सवाल किया कि दूसरा सवाल क्यों नहीं तब उनका जवाब था कि वे विषयांतर नहीं करना चाहते हैं इसलिए इस विषय पर ही सवाल पूछने का निवेदन पत्रकारों से किया गया है। उन्होंने बताया कि इस आदेश में 19 बिंदु सरकार ने तय किया है और उनके उलंघन करने पर IPC की धारा 188, जो गैर जमानतीय अपराध है के तहत कार्रवाई करने की बात कही है जिसके दुरुपयोग की आशंका है।
उनका कहना है कि इस आदेश के बाद प्रदेश में कोई सरकार के खिलाफ प्रदर्शन नहीं कर पायेगा। इससे सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं बल्कि अन्य कई सामाजिक संस्थाएं भी कोई प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ राजधानी में लगातार आंदोलन हो रहे हैं, सरकार ने अपने पुराने वादे पूरे नहीं किये हैं ऐसे में विरोध से बचने के लिए यह कवायद किया जा रहा है।
इसके बाद पत्रकारों ने वह सवाल भी पूछ दिया जिससे बचने पार्टी नेताओं ने दूसरा अन्य सवाल न पूछने का निवेदन किया था। पत्रकारों की ओर से पूछा गया कि इस प्रेस कांफ्रेंस से जिलाध्यक्ष ने क्यों दूरी बनाए हुए है ? इसका जवाब अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग दिया। किसी ने उनका तबियत खराब होना बताया तो किसी ने बिजी। दरअसल 1 अप्रैल को जिला भाजपाध्यक्ष उमेश अग्रवाल के खिलाफ भाजपा के ही महिला कार्यकर्ता ने छेड़छाड़ की शिकायत की थी जिसके बाद उनपर FIR दर्ज हुआ था। रायगढ़ के कोर्ट से उनकी जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है । हालांकि इस मुद्दे पर पुलिस और कांग्रेस दोनों चुप हैं।

