14-April-2020


ब्रेकिंग मुनादी:-प्रदेश के सहकारी मंत्री के क्षेत्र में बैंक के जिला प्रबंधक ने दिखाई बड़ी लापरवाही.... लॉकडाउन के दौरान सैकड़ों किसान हुए परेशान



प्रतापपुर मुनादी ।।मुकेश गोयल की रिपोर्ट

पांच दिन पहले सहकारी बैंक में शार्ट सर्किट होने से धान का भुगतान लेने बैंक आ रहे किसान खाली हाथ मायूस होकर वापस लौट रहे है। पांच दिनों में भी बैंक व्यवस्था को सुधार करते हुए भुगतान आरम्भ नहीं कर पाया है, जिससे लॉकडाउन के दौरान किसान परेशान होकर राशि लिए बगैर वापस लौट रहे है।
प्रतापपुर मुख्यालय में स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से प्रतापपुर विकासखंड के 114 गांव व 2 नगर पंचायत के साथ वाड्रफनगर विकासखंड के चलगली क्षेत्र के लगभग 15 गांव के किसानों का भुगतान होता है। इतने बड़े क्षेत्र में होने वाला भुगतान करोड़ों की राशि में होता है, जिसके लिए किसानों को 50 किमी दूर तक से आना पड़ता है। मिली जानकारी के अनुसार सहकारी बैंक में गुरुवार को कामकाज के बाद रात में अचानक शार्ट सर्किट हो गया और बैंक की विद्युत व्यवस्था के साथ पूरा सिस्टम भी फेल हो गया। इसकी जानकारी बैंक प्रबंधक को अगले दिन शुक्रवार को हुई, लेकिन इस बीच काफी तादाद में किसान बैंक में अपने भुगतान को लेकर पहुंच गए थे। बैंक प्रबन्धन ने इसकी जानकारी जिला कार्यालय को दी, परंतु उस दिन सिस्टम को बनाने वाले मेकैनिक नहीं आ सके। इस दौरान काफी दूर दूर से आये किसान मायूस होकर लौट गए। किसानों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान एक ओर उन्हें आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है तो दूसरी ओर लॉकडाउन के दौरान मुश्किल से बैंक पहुंचकर बैरंग वापस आना काफी परेशानी भरा है। हालांकि इस दौरान जिला के अधिकारियों के पास इसे सुधार लेने का काफी मौका भी था क्योंकि शनिवार व रविवार को छुट्टी होने के दौरान जिला प्रबंधक प्रयास करते हुए सिस्टम को सुधरवा सकता था। इन दो दिनों के बाद फिर सोमवार को बैंक खुला लेकिन सिस्टम में सुधार नहीं हो पाने के कारण किसानों को वापस जाना पड़ा। इस दौरान बैंक की विद्युत व्यवस्था तो सुधार ली गई, परंतु सिस्टम को ठीक नहीं कराया जा सका। इस सम्बंध में प्रतापपुर बैंक के प्रबंधक सन्तोष मिंज ने बताया कि अम्बिकापुर से सोमवार को मैकेनिक भेजे गए थे जो सिस्टम को यहां नहीं बना पाए और अम्बिकापुर ले गए है। हमने बैंक की विद्युत व्यवस्था को सुधार करा लिया है,उम्मीद है कि बुधवार को भुगतान की व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।

किसान हित के मद्देनजर जिला प्रबंधन की बड़ी लापरवाही।

मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की रात में बैंक में शार्ट सर्किट हुआ था, जिसकी जानकारी जिला कार्यालय को शुक्रवार को दे दी गई थी। इसके बाद जिला प्रबंधन के सामने तीन दिन का ऐसा समय था, जिसमें दो दिन की छुट्टी के दौरान सिस्टम को सुधारा जा सकता था, लेकिन जिला प्रबंधन ने इसे सोमवार से सुधारना आरम्भ कराया, लेकिन सिस्टम में सुधार नही किया जा सका। जिसका परिणाम यह निकला कि सोमवार को फिर काफी तादाद में किसान धान की राशि लेने बैंक पहुंचे, लेकिन उन्हें सोमवार को भी बगैर धनराशि के वापस लौटना पड़ा। इसमें सीधे तौर पर बैंक के जिला प्रबंधन की लापरवाही साफ तौर पर झलक रही है। जिसमें बैंक प्रबंधन ने इस विकट परिस्थिति में भी किसानों के हित को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। जिसके कारण किसान लगातार परेशान हो रहे है।

किसान हित मे होगी तत्काल पहल- जितेंद्र दुबे

सहकारिता विभाग के मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह के जिला प्रतिनिधि जितेंद्र दुबे के सामने मामला आने पर उन्होनें इसपर तत्काल पहल शुरू कर दी। उन्होंने इसके लिए संयुक्त पंजीयक से चर्चा की, जिसपर जिला प्रबन्धन ने कल तक सिस्टम को सुधार लिए जाने का आश्वासन दिया है। जितेंद्र दुबे ने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी,वे तुरंत सम्बन्धित अधिकारियों से बात कर रहे हैं। वे पूरा प्रयास करेंगे कि बुधवार से किसानो को धान का नियमित भुगतान मिल सके।








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