हैदराबाद मुनादी।। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने Central Industrial Security Force (CISF) के हैदराबाद स्थित मुख्यालय में दक्षिण जोन-2 (South Zone-II) के उप महानिरीक्षक (DIG) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके अधीन अब आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक की CISF-सुरक्षित इकाइयों—जिनमें खदानें, औद्योगिक प्रतिष्ठान, सार्वजनिक उपक्रम और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान शामिल हैं—की सुरक्षा की जिम्मेदारी होगी। साथ ही बंगाल और ओडिशा के कुछ प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा भी उनके दायित्व में शामिल है।
छत्तीसगढ़ में दमदार पुलिसिंग का रिकॉर्ड
CISF में नई जिम्मेदारी से पहले संतोष कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ पुलिस में अपनी सेवाएं देते हुए एक प्रभावशाली छवि बनाई।
रायगढ़, कोरिया और रायपुर में बतौर एसपी उन्होंने अपराध नियंत्रण और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के लिए पहचान बनाई।
कम्युनिटी पुलिसिंग के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए उनका नाम गोल्डन बुक में दर्ज किया गया।
कोरोना और आपदा काल में सराहनीय योगदान
कोरोना काल में रायगढ़ के एसपी रहते हुए उन्होंने जरूरतमंदों तक लाखों मुफ्त मास्क वितरित कराए।
इसी दौरान आई आपदाओं में भी उन्होंने निडर नेतृत्व का परिचय देते हुए राहत और बचाव कार्यों का प्रभावी संचालन किया।
‘निजात’ अभियान से नशे के खिलाफ जंग
संतोष कुमार सिंह ने रायपुर, बिलासपुर और कोरिया में ‘निजात’ अभियान चलाकर युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालने और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला और सकारात्मक परिणाम सामने आए।
लेखन और वैश्विक सोच के लिए भी पहचान
हाल ही में उनकी विश्व शांति विषय पर लिखी पुस्तक को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval द्वारा सराहा गया है। यह उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और दूरदर्शी सोच को दर्शाता है।
कर्तव्यनिष्ठ और बहुमुखी व्यक्तित्व
संतोष कुमार सिंह को एक ऐसे अधिकारी के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने हर जिम्मेदारी को ईमानदारी, साहस और प्रतिबद्धता के साथ निभाया। विपरीत परिस्थितियों में भी उनका नेतृत्व और निर्णय क्षमता उन्हें अलग पहचान दिलाती है।
CISF दक्षिण जोन-2 के DIG के रूप में उनकी नियुक्ति न केवल उनके उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड की पुष्टि करती है, बल्कि आने वाले समय में देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक और रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।