कोरोना के कहर की मुनादी।।
14 अप्रैल को जब प्रधान मंत्री ने लॉक डाउन 2 की घोषणा की उसी दिन ओर देश में कोरोना के मरीजों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। इस दिन 24 घंटे में 1463 मरीज मिले जो रिकॉर्ड है। इससे पहले 12 अप्रैल को रिकॉर्ड 918 मामले बढ़े हालांकि 13 अप्रैल को यह संख्या 908 हो गयी। इन तीन दिनों में ही कोरोना मरीजों की संख्या ।के। 30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके पीछे टेस्टिंग में बढ़ोतरी को भी कारण माना जा रहा है। पहले एक दिन में 20 हजार लोगों की टेस्टिंग हो रही थी लेकिन 14 अप्रैल से टेस्टिंग किये जाने वाले संदिग्धों की संख्या 26 हजार प्रतिदिन कर दी गई है। अबतक कोरोना से मरने वालों की संख्या 353 है तो वहीं 1109 मरीज अबतक ठीक भी हो चुके हैं।
राज्यों के लिहाज से देखें तो देश में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज महाराष्ट्र में हैं। यहां इनकी संख्या 2337 है जबकि दूसरे नंबर पर दिल्ली है जहां मरीजों की संख्या 1510 है । तमिलनाडु तीसरे स्थान पर है यहां मरीजों की संख्या 1173 है जबकि चौथे नंबर पर आने वेले राजस्थान में मरीजों की संख्या 879 है। लेकिन कोरोना संक्रमण से मौत के मामले में महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर मध्यप्रदेश है। मध्यप्रदेश में भी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और यह देश का पहला प्रदेश है जहां कोरोना से दो डॉक्टर्स की मौत हो गई है। इसके अलावा भारी संख्या में। बड़े अधिकारी यहां सरोना से संक्रमित हैं।
जांच पर ही पूरे आंकड़े टिके हैं। महाराष्ट्र सरकार ने दावा किया है कि चूंकि वे टेस्टिंग ज्यादा कर रहे हैं इसलिए उनके यहां मरीज ज्यादा मिल रहे हैं। यही हाल दिल्ली का भी है। पूरे देश में अब तक मात्र 2 लाख 44 हजार 893 सैंपल की ही जांच हो सकी है। देश में टेस्टिंग किट की भी कमी है। कि स्टेट केंद्र से जांच किट की मांग कर रहे हैं क्योंकि उनके पास किट नहीं है। विशेषज्ञ कहते हैं जैसे जैसे जांच की संख्या बढ़ेगी कोरोना संक्रमण के सही आंकड़े आने लगेंगे।
फिलहाल 3 मई तक पूरे देश मेम लॉक डाउन का समय बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री ने मंगलवार को देश के नाम दिए गए संदेश में कहा है कि 20 अप्रैल तक इसे कड़ाई से पालन कराया जाएगा और जिन जगहों पर 20 अप्रैल के बाद कोरोना के कोई मरीज मिलते हैं तो वहां लॉक डाउन सख्त किया जाएगा अन्यथा इसमें ढील दी जा सकती है। बहरहाल टेस्टिंग की प्रक्रिया में तेजी लाई जाती है तो इसकी संख्या में वृद्धि की ज्यादा संभावना होगी।

