16-April-2020


इस राज्य ने कोरोना को रोकने ऐसे कदम उठाए कि विपक्ष के नेता ने भी की तारीफ, कहा - बहुत ही शानदार तरीके से संकट का किया सामना, उठाये बेहतर कदम, पढिये पूरी खबर



कोरोना के कहर की मुनादी।।

कोरोना से आज न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया बुरी तरह कराह रही है। विश्व के कई विकसित राज्य कोरोना के कदम को रोक नहीं पाए। भारत में पहली बार coronavirus चीन के वुहान के रास्ते आया। सबसे पहले भारत के केरल में 30 जनवरी को एक मेडिकल स्टूडेंट में coronavirus पाया गया था जो चीन के वुहान से केरल आया था।

जब मार्च 24 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन की घोषणा की थी तब देश में सबसे ज्यादा covid 19 पॉजिटिव केस केरल में ही थे। लेकिन आज केरल में coronavirus पर लगभग काबू पाने की स्थिति है। इसके लिए केरल सरकार ने जो कदम उठाए उसकी सराहना वहां के कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक लेख में किया है। इस लेख का प्रकाशन इंग्लिश के बड़े news website द क्विंट ने किया है।

उन्होंने लिखा है कि वे इसे मलयाली मिरेकल यानी मलयाली चमत्कार मानते हैं जो मानव विकास के लिए शुरू से ही किये गए प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने लिखा है कि हालांकि वे सत्तारूढ़ दल के विरोधी हैं लेकिन आज केरल मॉडल को सराहा जाना चाहिए। इसके लिए सभी सरकारों द्वारा किये गए प्रयास बहुत बड़ा फैक्टर है। यहां साक्षरता दर 94 % है एवम प्रति व्यक्ति आय भी देश में सबसे ज्यादा है। यहां जो मानव संसाधन उर उनके विकास के लिए जो काम किया गया उसने इस वायरस पर नियंत्रण करने में बहुत मददगार सिद्ध हुई है।

केरल ने जो सबसे बड़ा कदम उठाया वह था test, trace, isolate, treat । इस राज्य ने सबसे ज्यादा टेस्टिंग की। यहां की टेस्टिंग दर प्रति 10 लाख 425 लोग हैं। उस समय पूरे भारत में यह सबसे ज्यादा था। अभी दिल्ली में प्रति दस लाख 629 लोगों की जांच की गई है। इसके बाद महाराष्ट्र जहां प्रति दस लाख 329 लोगों की टेस्टिंग की गई है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग की, उनसे जुड़े लोगों को trace किया, फिर उन्हें isolate किया और जो बीमार थे उनका इलाज कराया। वैसे भी केरल स्वस्थ सुविधाओं के मामले में भी देश के कई राज्यों से काफी आगे है। यहां तक कि WHO ने भी इसके prompt response की सराहना की है।

केरल में जनसंख्या घनत्व भी भारत में सबसे ज्यादा है बावजूद इसके सोशल डिस्टेनसिंग मेन्टेन करने और उसे लोगों तक इस फार्मूले को पहुंचाने में सफलता पाई। केरल सरकार के मुखिया पी विजयन व स्वास्थ्य मंत्री शैलजा ने WHO के गाइड लाइन को बेहतर तरीके से लागू करने स्थानीय मीडिया का सहारा लिया और उसे आम लोगों तक पहुंचाया। उन्होंने कोरोना से लड़ने के लिए 20 हजार करोड़ के फण्ड दिए।

शशि थरूर लिखते हैं कि हालांकि केरल में कम्युनिस्ट सरकार है और मैं उनके विरोधी परंतु का लेकिन मैं सरकार द्वारा पहले से उठाए कदम की सराहना करता हूँ। केरल देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां की 17 % आबादी केरल के बाहर रहकर अपना कारोबार या नौकरी करती है।








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