16-April-2020


कोरोना के प्रति ये कैसी जागरुकता? प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती को लेने आए एंबुलेंस को गांव में नहीं दिया घुसने...आखिर इसका जिम्मेदार कौन



अंबिकापुर मुनादी।। देवेंद्र सिंह की रिपोर्ट

कारोना जैसी वैश्विक महामारी को लेकर पूरे देश में लॉक डाउन की स्थिति निर्मित है। लगातार शासन प्रशासन लोगों को इस संक्रमण से बचाने हेतु सोशल डिस्टेंसींग बनाए रखते हुए घर में रहने की अपील कर रही है वहीं कुछ शरारती तत्व के लोग लॉक डाउन का फायदा उठाकर अपना ही रौब गांव में दिखाने हेतु एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं को भी गांव में नहीं घुसने देकर लोगों की जान से खेलने का प्रयास कर रहे हैं वही ऐसी कई घटनाओं के प्रशासन के पास खबर होने के बावजूद प्रशासन मूकदर्शक बनी बैठी किसी बड़ी घटना की बाट जोह रही है।
कोरोना के प्रति यह लोगों में कैसी जागरुकता है कि एंबुलेंस को ही गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाए। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है। जो २० वर्षीय महिला टिहू दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम रकेली गांव की रहने वाली है। वह ९ माह की गर्भवती थी। उसे बुधवार से ही प्रसव पीड़ा हो रहा थी। परिजन ने गुरुवार को महतारी एक्सप्रेस को अस्पताल ले जाने के लिए जानकारी दी। जानकारी मिलते ही महतारी एक्सप्रेस का ईएमटी धरम व चालक शनिकुमार गांव पहुंचे।।गांव से 2 किमी पहले ग्रामीणों ने एंबुलेंस को आता देख उसे रोक दिया और सडक़ पर झाड़ी व बांस का बैरिकेट बनाकर गांव में एंबुलेंस को जाने से रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि एंबुलेंस के आने-जाने से गांव में कोरोना का संक्रमण फैल जाएगा। एंबुलेंस के चालक द्वारा ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया गया, इसके बाद भी वे नहीं माने और एंबुलेंस को गांव में नहीं जाने दिया।

2 किमी के रास्ते को 10 किमी का सफर तय कर चालक पहुँचा गांव।

रकेली के ग्रामीणों ने जब गांव में एंबुलेंस को नहीं जाने दिया तो महतारी एक्सप्रेस के चालक व ईएमटी ने मानवता का परिचय देते हुए 10 किमी का चक्कर लगाकर दूसरे गांव से पहुंचे और गांव से कुछ दूरी पर एंबुलेंस को रोक दिया। इधर सूचना पर परिजन ने गर्भवती महिला को किसी तरह एंबुलेंस तक पहुंचाया। इसके बाद एंबुलेंस से महिला को कुनिया कला प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया।

लगातार घट रही है इस प्रकार की घटना।

आए दिन शासन प्रशासन के चूक के कारण आपातकालीन स्थिति निर्मित होने के लॉक डाउन के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर घर पर ही प्रसव करने की घटना लगातार मिल रही है। कभी शासन लापरवाही तो कभी गांव वाले की ना समझी से लोग को मुश्किलें उठनी पड़ रही है।








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