जशपुर मुनादी।
जशपुर जिले के बगीचा में मछली मारने को लेकर प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही प्रशासन के गले की हड्डी बन गयी है ।बताया जा रहा है आज बगीचा प्रशासन को बगीचा के पिरई ग्राम पंचायत के तालाब में सामूहिक रूप से मछली मारने की सूचना मिली थी ।सूचना पाकर प्रशासन ने मौका मुआयना के लिए बगीचा के आर आई सहित कुछ अन्य लोगो को भेजा था।टीम जब मौके पर पहुँची तो तो उन्हें मौके पर अदामी तो नही मिले लेकिन मौके से मछली मारने वाला जाल सहित एक कमरे में रखी मछलियां जरूर मिल गयी जिसे जप्ती कर पटवारी ने पंचनामा की कार्यवाही करते हुए जप्त किये गए मछली और जाल को सरपँच को सुपुर्द कर दिया।बाद में यह मामला तूल पकड़ने लगा और बात ये निकलकर सामने आने लगी कि आरआई और उनकी टीम ने कमरे का ताला तोड़कर 25 किलो मछली बरामद किए और केवल 2 किलो का ही पंचनामा तैयार किया ।दरअसल इस तालाब में मछली मारने वाले स्वसहायता समूह के लोग थे जो यहाँ नियमित रुप से मछली मारने का काम करते आ रहे हैं और लॉक डाउन के दौरान 2 पैसों के इंतजाम के लिए इन दिनों भी इनका काम शुरु था लेकिन इसी बीच गांव के ही कुछ लोगों ने इनकी शिकायत कर दी कि समूह के लोगो जे द्वारा लॉक डाउन और सोशल डिस्टनसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए तालाब से सामूहिक तौर पर मछली मारने का काम किया जा रहा है ।शिकायत पर जब कार्यवाही हुई तो समूह के लोगो ने सोशल मीडिया पर आकर प्रशासन की कार्यवाही की पोल खोल दी ।
हांलाकि इस मामले में जब आरआई टीसी राठौर से बात की गई तो उन्होंने बताया-हमारी टीम ग्रामीणों की शिकायत पर वहाँ पहुंची थी ।हमलोगों के पहुंचते ही जितने भी मछली मारने वाले थे सभी भाग खड़े हुए और पास में ही छिप गए।हमलोगों के द्वारा बार बार उन्हें बुलवाया गया ताकि उनका पक्ष जान सकें लेकिन जबतक हम मौके पर मौजूद रहे कोई भी आदमी सामने नही आया आखिरी में उनकी ग़ैरमोजूदगी में स्थानीय सरपँच और टीम के लोगों के सामने घर के अंदर से तकरेबन 2 किलो मछली ,जल और तराजू का पंचनामा तैयार कर सरपँच को सुपुर्द कर दिया गया।उन्होंने आगे बताया-अगर समूह के लोग सही थे तो उन्हें भागना नही था और अपनी बात रखनी थी लेकिन वे सामने नही आये और आखिर में उन्हें कार्यवाही करनी पड़ी।
इधर इस मामले में जब तहसीलदार से बात की गई तो उन्होंने आरआई को क्लीन चिट देते हुए कहा कि लॉक डाउन के लेकर हो गाइड लाइन आये हैं उन्ही के हिसाब से कार्यवाही की गई है ।आर आई के विरुद्ध कार्यवाही करवाने के लिए समूह के लोगो के द्वारा गलत सलत आरोप लगाए जा रहे हैं।चोरी उपर से सीनाजोरी जैसी घटना है ।जाँच प्रतिवेदन हमारे पास नही आये है प्रतिवेदन आने पर समूह के विरुद्ध धारा 188 की कार्यवाही की जाएगी ।
इस मामले में तब एक और नया पेंच फंस गया जब जब्ती में हमने उपस्थित कर्मचारियों को टटोला।इन्हें टटोलने के बाद जो तथ्य सामने आये वो चौकाने वाले थे। पंचनामा में दर्शित वनरक्षक जितेंद्र सिंह से जब दूरभाष पर हमने जानना चाहा तो उन्होंने स्पष्ट कहा -" मैं अपने रूटीन काम से जंगल की ओर निकला था और इसके बारे में ज्यादा नही जानता आर आई को बस इतना कहते सुना कि मछली पकड़े हैं। इससे ज्यादा मुझे नही पता।" वहीं सरपंच से इस मसले पर हमने बात करना चाहा तो उनसे अब तक संपर्क नही हो सका है।

