जशपुर मुनादी।।
जंगल मे हथियारबंद संदिग्ध देखे जाने की अफवाह के बाद जशपुर जिले के कई गांव में लोग रतजगा करने मजबूर हैं। हालांकि सच क्या है इसकी खबर किसी को नहीं। पुलिस हालांकि लोगों के इस जागरूकता से खुश है लेकिन यह अफवाह खतरनाक भी हो सकता है। गांव के लोग झुंड में घूम रहे हैं । हालांकि पुलिस भी सचेत है।
तपकरा और कुनकुरी इलाके में गुरुवार से यह अफवाह फैली हुई है कि यहाँ के जंगलों में कुछ हथियारबंद संदिग्ध घूम रहे हैं और इनसे सावधान रहते हुए इलाके के लोग रतजगा कर रहे हैं।पूलिस इस तरह की सूचना को लेकर अलर्ट है और संदिग्धों की तलाश में जंगलों की खाक छान रही है।जंगल मे सर्चिंग के दौरान यह देखा गया कि उड़ीसा में कई दिनों से लॉक डाउन में फंसे हुए लोग पूलिस और ग्रामीणों के भय से जंगलों के रास्ते अपने अपने घर का रास्ता तय कर रहे हैं।
तपकरा थाना प्रभारी बीएन शर्मा ने बताया कि बन्दरचुआं आस पास के 5 लोग लॉक डाउन से पहले किसी विवाह समारोह में उड़ीसा गए थे ।14 अप्रैल तक लॉक डाउन खुलने का इंतजार करते रहे लेकिन जब उन्हें पता चला कि लॉक डाउन की अवधि बढ़ा दी गयी तब उनके सब्र का बांध टूट गया और वे पैदल ही जंगलों के रास्ते से आ रहे थे जिन्हें कुछ लोगो ने संदिग्ध मान लिया और पूलिस को कर दिया पूलिस ने जब उनकी तस्दीक की तो पता चला सभी उड़ीसा की ओर से आ रहे है और वे बन्दरचुआं के रहने वाले हैं
उड़ीसा और झारखण्ड की सीमा के बीचोबीच स्थित तपकरा पूलिस का मानना है कि जंगल के रास्ते प्रवासी मजदूरों के आने जाने के क्रम को ग्रामीण संदिग्ध समझ रहे हैं ।हांलाकि पूलिस ग्रामीणों की जागरूकता से खुश है और पूलिस का मानना है कि ग्रामीणों के इस जागरूकता से गलत मंशा रखने वाले समाज के दुश्मनों के इलाके में पांव नही जम पाएंगे ।

