प्रतापपुर मुनादी ।। मुकेश गोयल की रिपोर्ट
जजावल राहत शिविर में रखे गए 106 प्रवासी मजदूरों में से 5 मजदूरों को प्रशासन ने उनके घर भेज दिया, जबकि महिला सहित अन्य 4 मजदूरों को जरही राहत शिविर में शिफ्ट किया गया है।
राजनांदगांव से लाये गए 106 प्रवासी मजदूरों को दो दिन पूर्व जजावल राहत शिविर में लाया गया था। इसमें ज्यादातर मजदूर झारखंड के पलामू जिला के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों के है। इनमें 5 मजदूर अम्बिकापुर क्षेत्र के होने के कारण कल उन्हें अम्बिकापुर उनके घरों के लिए भेज दिया गया है, जबकि एक महिला सहित उसके पति व दो देवर को जरही कैम्प में शिफ्ट किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार इन मजदूरों को राजनांदगांव से लेन के पूर्व ही दो हफ्ते के क़वारेंटीन में रखा जा चुका था। इसके बाद जजावल में भी चिकित्सा दल द्वारा इनका नियमित परीक्षण किया गया था। उनके स्वास्थ्य के प्रति पूर्ण आश्वस्त होने के बाद ही उन्हें कैम्प से घरों की ओर भेजा गया है। चूंकि मजदूर इसी जिले के आसपास के थे इसलिए उन्हें भेज दिया गया। इस समय जजावल कैम्प में 97 मजदूर ठहरे हुए है, जिनका नियमित चिकित्सीय परीक्षण किया जा रहा है। इधर इतनी बड़ी संख्या में बाहरी मजदूरों को जजावल कैम्प में रखे जाने पर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार उन्होनें अपने क्षेत्र को बाहरी लोगों से पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया था, इन मजदूरों के आने से पूर्व यहाँ चल रही तैयारी को देखते हुए जब सरपंच व अधिकारियों से पूछा गया तो उन्होनें पुलिस बल के आने की गलत जानकारी देकर गुमराह किया, बाद में प्रशासन यहां पर इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों को शिफ्ट कर दिया। राहत शिविर में रखे गए मजदूरों से ग्रामीणों में रोष उत्पन्न हो रहा है।

