18-April-2020


Munaadi breaking - मजदूर पहुंचे फैक्ट्री के गेट पर, थम नही रही उद्योगों की मनमानी, न पैसा, न खाने पीने की व्यवस्था, भटक रहे मजदूर, देखिये वीडियो



खरसिया मुनादी।।

केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन के दौरान स्पष्ट निर्देश जारी किया गया है कि किसी भी कामगार को बेदखल न किया जाए। काम न भी हो तब भी उसे पूरा वेतन दिया जाए। लेकिन टेमटेमा- खरसिया में स्थित स्काई एलायंस प्रबंधन ने अपने दर्जनों कामगारों की इस संकटकाल में भी 2 महीनों से तनख्वाह रोक दी है। ऐसे में इन कामगारों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है।

इन बेबस कामगारों की मानें तो उनके पास दो वक्त की रोटी के लिए भी ना तो पैसा है और ना ही कंपनी की ओर से राशन ही दिया जा रहा है। बता दें कि इन कामगारों में ना सिर्फ छत्तीसगढ़ अपितु उड़ीसा बिहार और यूपी के कामगार भी हैं। ऐसे में यातायात की व्यवस्था ना होने के कारण सभी बेबस हुए दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बाहर से आए इन मजदूरों की सूची भी कंपनी प्रबंधन द्वारा पुलिस में दर्ज नहीं करवाई गई है।

https://youtu.be/6W8XH1MSl4Q

यूं तो श्रमिकों एवं कर्मचारियों को वेतन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं देने के लिए नियोक्ताओं को 21 मार्च को ही श्रम विभाग द्वारा निर्देश जारी कर दिया गया था। परंतु कंपनी प्रबंधन द्वारा इन सभी निर्देशों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। इस विषम स्थिति को लेकर जब एसडीएम गिरीश रामटेके से बात की गई तो उन्होंने मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए तत्काल इन कामगारों के लिए राहत देने एवं तनख्वाह दिलाने की बात कही गई है।

वहीं बेबस कामगारों द्वारा पंचायत की शरण ली गई, तो टेमटेमा पंचायत की ओर से काफी आनाकानी की गई। कुल मिलाकर इन मजदूरों को पंचायत से कोई राहत नहीं दी गई वरन बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

घंटों प्लांट के गेट पर खड़े भूखे प्यासे कर्मचारियों की सुध लेने के लिए अनेकों फोन करने के बाद प्रबंधक दिग्विजय पटेल पहुंचे तो जरूर, परंतु उन्होंने भी रूखी सूखी बात कह 21 तारीख को वेतन देने का आश्वासन दिया। वहीं जब मजदूरों ने लिखित में आश्वासन की मांग की तो प्रबंधक ने भी भौहें तान ली वहीं रुखसत भी हो लिए।








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