जशपुर मुनादी।।
गुरुवार को जशपुर जिले के बगीचा के रौनी रोड में नवविवाहिता के फांसी की घटना को लेकर पुलिस ने अहम खुलासा किया है, जिसमे आरोपी पति विक्की ओम प्रधान ही निकला है। 16 अप्रैल को शाम 6 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि रौनी रोड में किराए के घर मे रहने वाले नव दंपति में से पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, और यह सूचना पति ने ही पुलिस को दिया था।
प्रारम्भिक जांच के समय से ही पुलिस को मृतिका के पति पर परिस्थिति जन्य साक्ष्यों अनुसार शक था, जिस कारण पुलिस ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट टी डी मरकाम के समक्ष ही समस्त कार्यवाहियों को अंजाम दिया था, और शक के आधार पर पुलिस ने मृतिका कविता प्रधान के पति को अपनी कस्टडी में रखने के साथ मृतिका के घरवालों को भी ख़बर कर कार्यवाही कर रही थी।
आरोपी पति ओम विक्की प्रधान के ऊपर सख्ती के बाद पुलिस के सामने हर राज पर से पर्दा उठाता गया। आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी से नहीं नहीं बनती थी। वर्ष 2016 में उनकी शादी हुई थी , पत्नी अक्सर छोटी छोटी बातों पर नाराज हो जाया करती थी। घटना के दिन कुछ ऐसा हुआ कि आरोपी पति उस दिन लॉकडाउन के रियायत समय मे सब्जी खरीदने लगभग 10 बजे गया था। मगर जब वह वापस लौटा तो सब्जी की थैली में टमाटर नही था। जिसे लेकर पति पत्नी में विवाद हुआ और दोनों आपस मे भीड़ गए। विवाद के बाद परेशान पति गांजा पीने घर से बाहर चला गया, जिसके बाद वापस घर लौटा तो फिर से टमाटर का भूत सामने खड़ा था और विवाद करते पति पत्नी दोनों भीड़ गए, इन विवाद की परिस्थितियों में झूमा झटकी के बीच आरोपी पति ने पत्नी को धक्का दे दिया जिससे पत्नी के सर में चोट आ गयी, जिससे संघर्ष बढ़ गया और पति ने दीवाल से सटाकर पत्नी कविता प्रधान 23 वर्ष का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद आरोपी पति ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने की भरपूर कोशिश की, परंतु नशे की अधिकता और पुलिस के पैनी नजर से वो नहीं बच सका। हत्या के बाद आरोपी पति ने लाश को म्यार पर टांगने की कोशिश की, पर उसमे वह सफल नही हुआ, और साड़ी म्यार में टांगकर लाश को बिस्तर पर ही टिका दिया, और पुलिस को सूचना भी कर दिया, वहीं जब पुलिस घर पहुंची तो घर पर ही पति दरवाजे के अंदर बन्द था, और उसने ही दरवाजा खोला।
प्रारम्भ से ही आरोपी पति को पुलिस ने अपने कस्टडी में रखा था, पोस्टमार्टम के बाद बाकी चीजों का खुलासा हो गया। उसके बाद आरोपी का कबूलनामा से सारे राज का पर्दा परत दर परत उठता चला गया।

