जशपुर मुनादी।।
लॉक डाउन में आम लोगो को सस्ते दर पर सब्जी उपलब्ध हो और कोई भी आमजन मुनाफाखोरी का शिकार न हो इसके लिए प्रशासन ने जगह जगह रेट लिस्ट जारी कर दिये हैं लेकिन प्रशासन द्वारा जारी रेट लिस्ट आमजनों के लिए तो फायदेमंद है लेकिन इस लिस्ट से व्यापारियों की कमर टूटती नजर आ रही है इसलिए व्यापारियों ने अब प्रशासन के लिस्ट को नकारना शुरू कर दिया है।
जशपुर जिले के कुनकुरी में तो कम से कम ऐसा ही देखने को मिल रहा है यहां के सब्जी व्यापारियों का साफ कहना है कि ख़ुदरा व्यापारियों के लिए लिस्ट जारी करने से पहले प्रशासन को थोक व्यापारियों के लिए भी लिस्ट जारी करना चाहिए क्योंकि जिस लहसून को हमे प्रशासन 80 रुपये किलो बेचने का फरमाम जारी करता है उस लहसून का थोक मूल्य 90 रुपये किलो है ऐसे में ये समझ से परे है कि 90 रूपये की ख़रीददारी करके कोई कोई भी सामान भला 80 रुपये में कैसे और क्यों बेचेगा ?
शासकीय मूल्य पर सब्जी बेचने में जताई असमर्थता
लॉक डाऊन के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा खाद्यान्न की कालाबाजारी एवं जमाखोरी को रोकने के लिए कई आवश्यक कदम उठाये गए हैं इसी कड़ी में कुनकुरी एसडीएम द्वारा भी विभिन्न खाद्यान्न समेत सब्जियों का आधिकारिक रेट लिस्ट जारी किया गया है जिस पर किसानों का दर्द खुलकर सामने आ रहा है।
ताजा मामला केराडीह का है जहाँ रविवार को साप्ताहिक सब्जी बाजार लगी थी जिसमें सब्जी व्यापारी द्वारा वीडियो में साफ तौर पर कहा जा रहा है कि हम शासकीय मूल्य से अधिक कीमत में थोक में ला रहे हैं तो कम कीमत में खुदरा कैसे बेचें। गद्दी में किसी भी तरह का शासकीय मूल्य सूची नहीं लगाया गया है। बात भी सही है कि किसान आलू, प्याज, लहसुन, अदरक वगैरह थोक सब्जी मण्डी कुनकुरी से लाकर बाजारों में बेचते हैं। जब तक मण्डी में थोक विक्रेताओं पर नकेल नहीं कसी जायेगी तब तक आम लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पायेगा।
आपको बता दें कि दो दिन पहले कुनकुरी प्रशासन द्वारा जारी सब्जियों के रेट लिस्ट पर सत्ताधारी काँग्रेस ने भी खुलकर आपत्ति दर्ज कराई थी और इस रेट लिस्ट को किसान विरोधी लिस्ट बताया था ।

