जशपुर मुनादी।।
कई दिनों से लावाकेरा राहत शिविर में रह रहे शरणार्थी मजदूर घर जाना चाहते हैं।उनका कहना कि 14 दिन के बजाय 24 दिनों से भी ज्यादा हो गए हैं लेकिन यहाँ कि सरकार और प्रशासन इन्हें घर नही भेज रहा है।इनका कहना है कि हम जिंनके लिए कमाने घर से बाहर निकले थे वो घर मे रहकर दाने दाने को तरस रहे हैं वैसे में उनके कमाने का क्या फायदा इसलिए अब तो यही इच्छा होती है कि आत्महत्या कर लें ।
आपको बता दें कि उड़ीसा की सीमा से लगे जशपुर के लावाकेरा के हाई स्कूल में लगभग 100 प्रवासी मजदूरों को रोककर रखा गया है।कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एहतियात के तौर पर सरकार ने इन्हें घर छोड़ने के बजाय यही पर खाने पीने का इंतज़ाम कर रही है ।लॉक डाउन में थोड़ी बहुत ढिलाई के बावजूद अभी तक सरकार ने इनके लिए कोई आदेश जारी नही किये है जिसको लेकर यहां के सभी मजदूर काफी परेशान है।आज इनसे मिलने जशपुर राजपरिवार के सदस्य प्रबल प्रताप जूदेव और जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनि भगत आयी ।दोनो ने मजदूरों का हाल जाना और समस्याओं को सुना लेकिन दोनो के होश तब यूड गए जब एक प्रवासी मजदूर ने आत्महत्या की इच्छा जताना शुरू कर दिया ।मजदूर इस बात से परेशान है कि और राज्यों में 14 दिनों के बाद मजदूरों को उनके घर छोड़ दिये गए लेकिन 24 दिनों के बाद भी छग सरकार उन्हें घर भेजने को तैयार नही है जबकि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं उन्हें कोई बीमारी नही है ।उनका स्वास्थ परीक्षण भी हो गया है वे परीक्षण में पूरी तरह स्वस्थ पाए गए हैं। मजदुर ने अपनी पीडा व्यक्त करते हुए कहा कि हम जिंनके लिए कमाने निकले थे और जिनका पेट भरने के लिए खून पसीना एक करते हैं आज वही दो दो रोटी के मोहताज हैं उनके घरों में कोई सामान तक लाने वाला नही है ।
मजदूरों की पीड़ा सुनने के बाद पूर्व जिलापंचायत उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप जुदेव और जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनि भगत ने उन्हें भरोसा दिया है कि वे आज ही इस सम्बंध में जिला प्रशासन से बात करेंगे और कोई हल निकाला जाएगा।
जिलापंचायत अध्यक्ष रायमुनि भगत ने मुनादी डॉट कॉम से चर्चा के दौरान बताया कि लावाकेरा राहत शिविर में रहने वाले मजदूर बहुत परेशान है ।कुछ लोग यूपी के रहने वाले है जो ज्यादा परेशान है ।उन्होंने आत्महत्या करने की इच्छा जताई तो उन्हें समझाया गया है और हमारी ओर से उन्हें भरोसा दिया गया है कि वे आज ही कलेक्टर व एसडीएम से उनके संबन्ध में चर्चा करेंगे और बहुत जल्द उन्हें घर भेजने का इंतज़ाम किया जाएगा ।

