बिलासपुर मुनादी।।
कोटा से लाये गए 14 बच्चों के मामले में छत्तीसगढ़ सरकार बैक फुट पर है। सरकार का कोई भी अधिकारी यह नहीं बता पा रहा है कि बच्चे कैसे कोटा से आये, उन्हें जब गौरेला में क्वारंटाइन किया गया था तो बीच समय में बिलासपुर क्यों शिफ्ट किया गया ? और बच्चों के क्वारंटाइन पीरियड में उनसे विधायक और कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने कैसे मुलाकात कर ली ? कोई सक्षम अधिकारी अभी भी सामने नहीं आया है।
लेकिन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और विधायक द्वारा श्रेय लेने के चक्कर में पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गयी है। जबकि शहर कांग्रेस अध्यक्ष मीडिया में प्रेस विज्ञप्ति भेजकर अभी भी यह जाता रहे हैं कि इन बच्चों को सरकार ने अपने प्रयास से लाया है। इससे पहले विधायक बिलासपुर भी इन बच्चों के साथ क्वारंटाइन वाली जगह में जाकर फ़ोटो खिंचवाकर श्रेय ले चुके हैं। यदि सरकार इन बच्चों को नहीं लायी है तो बिलासपुर विधायक और बिलासपुर शहर अध्यक्ष इसका श्रेय क्यों सरकार को दे रहे हैं।
कहा जा रहा है कि बच्चे कोटा प्रशासन के इंडिविजुअल परमिशन से आये। लेकिन सवाल यह है कि इंटरस्टेट परमिशन सिर्फ मेडिकल ग्राउंड पर ही मिलता है तब इन बच्चों को इंटरस्टेट परमिशन कैसे मिल गया, इनके आते ही जब उन्हें बॉर्डर पर रोक दिया गया था तब फिर उनकी जगह क्यों बदली गई ? लेकिन पार्टी के जिलाध्यक्ष इन सवालों से बेपरवाह बस इसका श्रेय न सिर्फ सरकार को बल्कि विधायक को भी दे रहे हैं।
पढिये बिलासपुर शहर अध्यक्ष की विज्ञप्ति, ज्यों का त्यों -
लॉक डाउन के चलते कोटा राजस्थान से बिलासपुर के आस पास के 15 बच्चे जो छत्तीजगढ़ की सीमा में 13 अप्रैल से थे, को सुरक्षित बिलासपुर लाया गया
बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय और जिला कांग्रेस अध्यछ विजय केशरवानी ने छात्रों की व्यवस्था का लिया जायजा---
राज्य शासन के निर्देश पर नगर निगम ने सदर बाजार के जगदीश लाज में बच्चों को किया गया क्वॉरेंटाइन- 8दिन रहेंगेऔर qwaarantane में
बिलासपुर। प्रशासन ने राजस्थान के कोटा में पढ़ने के लिए गए उन बच्चों को वापस बिलासपुर लाने का सिलसिला शुरू कर दिया है,जो लॉक डाउन की वजह से हत्तीसगढ़ के सीमा में 13 अप्रैल से वहां फंसे हुए थे।
मालूम हो कि ये बच्चे 7 दिन गौरेला पेंड्रा और कवर्धा1 जिले में 7 से qqweritne थे, अब बिलासपुर में अभी 8 दिन और qwarentine रहेंगे,
एक अनुमान के अनुसार कोटा पढ़ने के लिए गए बिलासपुर के 100 से अधिक बच्चे वहां लॉक डाउन के बाद से फंसे हुए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य के सभी जिलों से राजस्थान के कोटा में पढ़ने के लिए गया बच्चों को वहां से सकुशल वापस लाने के लिए कमर कस ली है। इस संदर्भ में उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत से बात कर तब अनुसार प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को इन बच्चों को वापस छत्तीसगढ़ लाने के निर्देश दे दिए हैं। इस कार्य की चिंता मुख्यमंत्री स्वयं गंभीरता व संवेदनशीलता से कर रहे हैं। इसी क्रम में आज बिलासपुर जिले के आसपास के 15 बच्चों की पहली खेप जो छत्तीसगढ़ की सीमामें थे आज यहां एक बस से लाई गई।इस बस के सदर बाजार स्थित जगदीश लाल पहुंचने पर निगम के अधिकारियों ने इस बस से बिलासपुर पहुंचे विद्यार्थियों की अगवानी की। नगर निगम के द्वारा इन सभी बच्चों के रहने खाने और क्वॉरेंटाइन करने की व्यवस्था सदर बाजार के जगदीश राज में की गई है। कोटा में लॉक डाउन के चलते फंसे जिले के और भी बच्चों को जल्द से जल्द बिलासपुर लाने की व्यवस्था में बिलासपुर का जिला प्रशासन राज्य सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर प्रयास कर रहा है।

