जशपुर मुनादी//
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू किये गए देशव्यापी लॉक डाउन को सख्ती से पालन किये और कराए जाने के दौरान जहां आम जनता को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वही लॉक डाउन को कड़ाई से पालन कराने वाले अधिकारी भी दिक्कतों से अछूते नहीं है ।यह बात अलग है कि उन्हें सड़क पर निकलने घूमने की छूट है और कोई इन्हें डंडा दिखाने वाला नहीं है लेकिन इन सबके बावजूद वे जिस दर्द से गुजर रहे हैं इसका बयाँ महज दो पैराग्राफ की खबरों में नही किया जा सकता हां,इसे महसूस जरूर किया जा सकता है ।करीब एक महीने से लॉक डाउन को लेकर दिन भर सड़को की खाक छानने वाले एक अधिकारी का दर्द आज सोशल मीडिया पर छलक उठा।ये अधिकारी जशपुर जिले के कुनकुरी तहसील के तहसीलदार अविनाश चौहान हैं ।उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर कोरोना संक्रमण के बीच लॉक डाउन के देशव्यापी एलान को अमलीजामा पहनाए जाने के क्रम में होने वाली परेशानियों का जब ब्यौरा लिखा तो लोगों को कहना पड़ा सलाम
साहब !
आप भी पढिये इन अधिकारी का दर्द ,क्या कुछ लिखा है------
"कोरोना से फील्ड में लड़ना और घर पर रह कर लड़ना दोनों ही अपना महत्व रखता है। जहां सब लोग इस बात से परेशान हैं कि वे घर पर और अधिक कैसे रहें। वैसे ही हम कब घर जाएंगे को लेकर परेशान रहते हैं। अपने ही घर मे आइसोलेट हो जाना कितना कष्टमय होता है वे भी समझ मे आया। पर इन बातों से अलग ये सोचकर बहुत खुशी होती है कि सिर्फ हमें ही ये अवसर मिला है कि हम अपने क्षेत्र के लोगों को इस महामारी से बचा पाएं और ये बात उन सारी समस्याओं को भुला देती है।

