रायपुर मुनादी।।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 3000 छात्रों को वापस लाने से संबंधित याचिका की सुनवाई करते हुए इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की खंडपीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया. संक्षिप्त सुनवाई के बाद, अदालत ने मामले को 27 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया.
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अधिवक्ता आर के केशरवानी और फैज़ काज़ी के माध्यम से राजेश सिन्हा द्वारा एक हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कोटा में छत्तीसगढ़ राज्य के 3,000 छात्र हैं, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा आगामी IIT प्रवेश परीक्षाओं की कोचिंग लेने के लिए कोटा गए थे. 25 मार्च को COVID-19 महामारी के कारण लॉकडाउन की घोषणा की गई थी, जहां कोचिंग संस्थानों को बंद कर दिया गया था और ये सभी छात्र वहां लॉक डाउन में कोटा में फंस गए है.
हालांकि छात्रों को भोजन के संबंध में कोई समस्या नहीं है, लेकिन वे लगातार अपने रेस्क्यू के लिए फोन करते रहे हैं क्योंकि उनमें से कई बहुत उदास हैं. याचिकाकर्ता ने मामले में न्यायालय से छात्रों को रेस्क्यू करने मांग की और राज्य को इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था करने के लिए निर्देश देने की मांग की। बता दे कि यूपी सरकार ने कोटा, राजस्थान से लगभग 252 बसों को भेजकर 7,000 छात्रों का रेस्क्यू है।

