23-April-2020


पूलिस न होती तो इस बुजुर्ग का क्या होता !65 साल के दिलसाय को 15 दिनों बाद मिला …..पढ़िये मानवता की मिशाल कायम करने वाली जशपुर और रायगढ़ पूलिस की कहानी …..



जशपुर मुनादी।।

घर से मेहमान जाने के लिए निकले एक बुजुर्ग भटकते भटकते कुनकुरी थाने के फरसकानी गाँव पहुँच गया ।गनीमत थी कि यह बज़ुर्ग सरपँच को मिला और सरपँच ने तत्काल इसकी सूचना कुनकुरी पूलिस को दे दी और कुनकुरी पूलिस के प्रयास से बुजुर्ग को उसका ठिकाना मिल गया।


इस बज़ुर्ग का नाम दिलसाय राम है।उम्र करब 65 वर्ष और रहने वाले लैलूंग के हैं।बुधवार को भटकते भटकते दिलसाय राम फरसाकानी ग्राम पंचायत पहुँच गए जब इन पर यहाँ के सरपँच की नजर पड़ी तो सरपँच ने यह जानने की कोशिश की कि कौन है और कहाँ से आया है लेकिन बज़ुर्ग की तोतली जुबान होने के कारण वह ज्यादा कुछ बोल नही पाया और जो बोला उसे न तो सरपँच समझ पाया न ग्रामीण।मदद के लिए सरपँच ने कुंनकुरी थानेदार विशाल कुजुर को फोन लगाय और उनके कहने पर बज़ुर्ग की तस्वीर भी व्हाट्सएप्प में भेजा।टीआई कुनकुरी के निर्देश पर पंचायत वालों ने बज़ुर्ग को एक कमरे में ठहराया और बाद में जब उससे पूछ ताछ की गई तो ज्ञात हुआ कि वो लैलूंगा थाने के किसी गाँव का रहने वाला है ।इसके बाद थाना लैलूंगा से संपर्क कर दिलसाय राम के बारे में जानकारी दी गयी तो लैलूंगा थाना भी तुरन्त एक्शन में आ गया और आधे घण्टे में यह क्लीयर हो गया कि बुजुर्ग किस गाँव है।
बहरहाल, दिलसाय अभी कुनकुरी थाने में है और उसके परिजन उसे लेने लैलूंगा से कुनकुरी के लिए रवाना हो चुके हैं।
यह बताना जरूरी है कि जशपुर जिले में इन दिनों अफवाहों के चलते गाँव मे न केवल बाहरी लोगों का प्रवेश निषेध है ।खासकर अंजान व्यक्ति को लेकर लोग ज्यादा सतर्क हैं ।कई गाँवों में
कई दिनों से रतजगा चल रहा है और लोग रात भर पहरा दे रहे है ऐसे में अगर समय पर पूलिस अपना काम नही करती तो दिलसाय के लिए नई मुसीबत खड़ी हो सकती थी।








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