रंजीत सोनी की मुनादी
बलरामपुर-छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के प्रसार में नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा विभिन्न सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों में सशर्त छूट दी जा रही है । लॉकडाउन की अवधि में आर्थिक गतिविधियां स्थगित थी जिससे मजदूरों का काम न होने के डर से पलायन प्रारम्भ हो गया था । बलरामपुर में प्रशासन द्वारा निर्मित राहत शिविरों में राज्य के अन्य जिलों तथा अन्य राज्यों के मजदूर रुके हुए थे । शासन द्वारा लिए गए निर्णयों से अब मजदूरों के काम मे लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है ।
कलेक्टर संजीव कुमार झा ने बताया कि 313 मजदूर जिले के विभिन्न राहत शिविरों में तथा 190 मजदूर अपने कार्यस्थल स्थित आवास में रुके हुए थे। जो मजदूर बलरामपुर में ही काम कर रहे थे उनके द्वारा कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है तथा अन्य जिलों में कार्यरत मजदूरों को भेजने की कवायद शुरू हो गयी है।
प्रशासन द्वारा निर्मित राहत शिविरों में रह रहे मजदूर भी काम पर लौटना चाहते है ताकि रुकी हुई अर्थव्यवस्था को गति दी जा सके । राहत शिविरों में मजदूरों के लिए समुचित व्यवस्था की गई थी और अब धीरे -धीरे मजदूरों को उनके कार्यस्थल के लिए रवाना किया जा रहा है ।राजपुर स्थित राहत शिविर से 34 मजदूरों को उनके कार्य स्थल की ओर रवाना किया गया है तथा अन्य मजदूरों को भी भेजा जा रहा है।

कलेक्टर संजीव कुमार झा ने बताया कि श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात ही उन्हें भेजा रहा है । इस संकटमय स्थिति में जिला प्रशासन ने श्रमिकों की पूरी देखभाल करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन किया है ।श्रमिक इन आश्रय स्थलों में रहे और प्रशासन का पूरा सहयोग किया । काम पर लौट रहे मजदूरों ने कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें यहां घर जैसी सुविधाएं मिली है तथा किसी चीज़ की कमी नही हुई। प्रशासन का आत्मीय व्यवहार कभी नहीं भूल सकते ।

