23-April-2020


एमएसएमई उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को ईएसआईसी से वेतन भुगतान की तैयारी, श्रमिकों को राहत देने केन्द्र सरकार की पहल, छत्ती. लघु एवं सहायक उद्योग संघ के महासचिव झा का प्रयास रंग लाया



      भिलाई नगर मुनादी।।

लॉकडाउन के बीच प्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योगों में तालाबंदी समाप्त हो गई है। इन उद्योगों में धीरे-धीरे काम तेजी पकड़ने लगा है। इस बीच इन उद्योगों में काम कर रहे श्रमिकों के लिए जो ईएसआईसी के दायरे में आते हैं उनके लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार का प्रयास है कि ऐसे श्रमिकों को ईएसआईसी के द्वारा 70% पेमेंट का भुगतान किया जा सके। छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ के महासचिव के. के. झा लॉकडाउन के बाद से ही प्रयासरत थे कि श्रमिकों को वेतन देने की जिम्मेदारी ईएसआईसी पर डाली जाए ताकि तालाबंदी के स्थिति में उद्योगपतियों को कुछ राहत मिल सके।

जानकारी के अनुसार केंद्रीय उद्योग मंत्री नितिन गडकरी इस संबंध में प्रयासरत हैं कि लॉकडाउन के कारण एमएसएमई उद्योगों में काम कर रहे श्रमिकों को ईएसआईसी द्वारा वेतन भुगतान कराया जा सके। यदि ऐसा होता है तो श्रमिकों को उनकी वेतन का 70% का भुगतान ईएसआईसी करेगा। इससे पूरे देश के लगभग 4.2 करोड़ श्रमिकों को फायदा पहुंचेगा वहीं प्रदेश के 6 लाख 20 हजार श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। महासचिव श्री झा ने बताया कि लॉकडाउन लगने के साथ ही उद्योगों में तालाबंदी के बाद श्रमिकों को वेतन भूगतान एक बड़ी समस्या थी। इसलिए वे प्रदेश के औद्योगिक संगठनों एवं इसके पदाधिकारियों से लगातार चर्चा कर रहे थे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा को भी उन्होंने पत्र लिखकर उद्योगों के सामने आ रही समस्याओं से अवगत कराया था। साथ ही श्रमिकों के भुगतान के लिए ईएसआईसी को निर्देश देने की मांग की थी। श्री झा ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के साथ ही देश के अन्य राज्यों के भी औद्योगिक संगठनों ने श्रमिकों के वेतन को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाया था। इसी का सुखद नतीजा है कि केंद्र सरकार ने इस दिशा में पहल की है। केंद्रीय उद्योग मंत्री नितिन गडकरी प्रयासरत है कि उद्योगों में काम कर रहे श्रमिकों को जल्द से जल्द ईएसआईसी द्वारा वेतन का भुगतान करा दिया जाए ताकि उद्योगपतियों पर वेतन का भार कुछ कम हो और वह अपने उद्योगों को सुचारू रूप से प्रारंभ कर सकें।

ईएसआईसी के सुत्रों के अनुसार केंद्र सरकार श्रमिकों के खाते में सीधे पैसा भेजेगी। इसमें दिक्कत यह आ रही है कि बहुत से श्रमिकों का बैंक खाता नहीं है। ऐसी स्थिति में एक मैकेनिज्म तैयार किया जा रहा है ताकि कोई भी श्रमिक जो ईएसआईसी के दायरे में आता है छूटने ना पाए तथा उसे इसका पूरा लाभ मिले।








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